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बचत बीमा योजना (Micro Bachat Insurance Policy) सुरक्षा और सेविंग के लिए एक बेहतरीन प्लान

बचत बीमा योजना (Micro Bachat Insurance Policy) सुरक्षा और सेविंग के लिए एक बेहतरीन प्लान

Insurance LIC की माइक्रो बचत बीमा योजना (Micro Bachat Insurance Policy) सुरक्षा और सेविंग के लिए एक बेहतरीन प्लान है. LIC का ये MICRO INSURANCE PLAN, कम आमदनी वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. यह प्लान अचानक मृत्यु हो जाने की स्तिथि में परिवार को कवर प्रदान करती है. साथ ही मैच्चोयर हो जाने के बाद व्यक्ति को एक साथ राशि प्रदान की जाती है.

Micro Bachat Insurance Policy

इस बीमा के तहत 18 से 55 साल के व्यक्ति अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए किसी तरह के मेडिकल टेस्ट नहीं मांगे जाते हैं. साथ ही अगर कोई व्यक्ति 3 साल तक प्रीमियम भरता है तो उसे 6 महीने तक प्रीमियम ना भरने पर भी लाभ दिया जाता है. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति 5 साल तक प्रीमियम भरता है तो उसे 2 साल का ऑटो कवर मिलता है. इस इंश्योरेंस प्लान में व्यक्ति को 50 हजार से 2 लाख तक का बीमा मिलता है. अगर किसी व्यक्ति ने 3 साल तक प्रीमियम भरा है तो उसे इस योजना के तहत लोन की सुविधा भी दी जाती है.

कितना है पॉलिसी का टैन्योर 

LIC Micro Bachat Insurance Policy के तहत आपको 10 से 15 साल का इंश्योरेंस प्लान टर्म दिया जाता है. इस प्लान में प्रीमियम, तिमाही, मासिक, सालाना या फिर 6 महीने के आधार पर दिया जा सकता है. साथ ही इस योजना में आपको एक्सीडेंटल राइडर जोड़ने की सुविधा भी मिलती है. लेकिन उसके लिए आपको प्रीमियम अलग से देना होता है.

28 रुपए में कैसे मिलता है प्लान

इस योजना के तहत अगर किसी व्यक्ति की उम्र 18 साल है तो उसे 15 साल के प्लान के लिए प्रति हजार पर 51.5 रुपए का प्रीमियम देना होगा. वहीं अगर 25 साल का व्यक्ति 15 साल के लिए प्लान लेता है तो 51.60 रुपए और 35 साल के व्यक्ति को 52.20 रुपए प्रति हजार रुपए पर प्रीमियम देना होगा.

उदाहरण से समझा जा सकता है. मान लीजिए 35 साल के किसी व्यक्ति ने 1 लाख रुपए के सम अश्योर्ड वाली 15 साल की पॉलिसी ली है तो, उस व्यक्ति का सालाना प्रीमियम 5116 रुपए होगा.

चालू पॉलिसी में 70 फीसदी तक रकम का लोन मिलेगा वहीं चुकता पॉलिसी में 60 फीसदी रकम का लोन दिया जाता है.

पसंद ना आए पॉलिसी तो क्या करें 

अगर आपके पॉलिसी लेने के 15 दिन के भीतर आपको ये बीमा योजना समझ नहीं आती है या पसंद नहीं आती है, तो आप इसे सरेंडर भी कर सकते हैं. 15 दिन की अवधि के अंदर आपको ऐसा करना होगा.

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