सरकारी भर्तियों में बड़ा बदलाव, अब विभागीय स्तर पर हो सकेगी नियुक्ति

राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने की तैयारी में है। अब हर भर्ती के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (MPPSC) या कर्मचारी चयन मंडल पर निर्भरता जरूरी नहीं होगी। जिन विभागों में बड़ी संख्या में रिक्त पद हैं, वे जरूरत के अनुसार विभागीय स्तर पर भर्ती कर सकेंगे या किसी अन्य सरकारी एजेंसी के माध्यम से चयन प्रक्रिया कराने की अनुमति ले सकेंगे।
सरकार के इस बदलाव की जरूरत इसलिए महसूस की जा रही है क्योंकि मौजूदा भर्ती एजेंसियों के पास बड़ी संख्या में परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं का दबाव है। इसके चलते कई भर्तियों में लंबा समय लग रहा है। सरकार का फोकस अब रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने पर है।
*नगरीय विकास एवं आवास विभाग में 375 इंजीनियरों की भर्ती*
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने करीब 375 इंजीनियरों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल से संपर्क किया, लेकिन करीब दो साल तक समय उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने भारत सरकार की एजेंसी एजुकेशन कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (EdCIL) से संपर्क किया है। एजेंसी ने करीब चार महीने में चयन प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है।
*पीएचई विभाग में 15 हजार पदों पर भर्ती*
पीएचई विभाग खुद करीब 15 हजार पदों की भर्ती की तैयारी कर रहा है। विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया कराए जाने की योजना है।
*जल संसाधन विभाग में 6 हजार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया*
जल संसाधन विभाग ने करीब 6 हजार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए विभागीय स्तर पर परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। विभाग अक्टूबर 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इससे पहले विभाग करीब 4300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुका है।
*स्वास्थ्य विभाग को विशेष छूट*
स्वास्थ्य विभाग को विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पद भरने के लिए एक बार की विशेष छूट दी गई है। अब विभागीय स्तर पर सीधे भर्ती की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हर महीने की पहली तारीख को एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर रिक्तियां प्रदर्शित होंगी और अभ्यर्थी 25 तारीख तक आवेदन कर सकेंगे।








