त्योहारों के बीच खुले में मांस-मछली की दुकानें बनीं परेशानी, बजरंग दल ने नगर निगम को दी आंदोलन की चेतावनी दुर्गा चौक, भट्टा मोहल्ला, मशीन चौक और अहमदनगर में संचालित दुकानों पर कार्रवाई की मांग, दीपावली के दिन निगम गेट पर पुतला दहन करने का ऐलान
तपन निषाद /कटनी-त्योहारों के सीजन में शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में संचालित मांस, मुर्गा, मछली एवं अंडे की दुकानों को लेकर विवाद गहराने लगा है। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ऐसी दुकानों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और नियमों के अनुरूप व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास खुले में मांस-मछली की बिक्री से धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ स्वच्छता और सार्वजनिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नगर निगम सीमा क्षेत्र में खुले में और सड़क किनारे संचालित मांस, मुर्गा, मछली एवं अंडे की दुकानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने विशेष रूप से दुर्गा चौक, भट्टा मोहल्ला, मशीन चौक और अहमदनगर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में कई दुकानें खुले में संचालित हो रही हैं। इन स्थानों पर त्योहारों के दौरान बढ़ती गतिविधियों के बीच स्वच्छता, दुर्गंध और सार्वजनिक वातावरण को लेकर लोगों की परेशानियां बढ़ती हैं।
कई वर्षों से शिकायत, कार्रवाई पर उठाए सवाल
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन और शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं स्थायी समाधान सामने नहीं आया है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम के पास दुकानों के संचालन, स्वच्छता और सार्वजनिक स्थलों को लेकर निर्धारित नियम हैं, तो फिर सड़क किनारे और खुले में इस तरह की दुकानें कैसे संचालित हो रही हैं?
दीपावली पर पुतला दहन की चेतावनी
ज्ञापन में नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं हिंदू समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया है कि मांगों की अनदेखी होने पर दीपावली के दिन नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है। त्योहारों के बीच शहर की स्वच्छता, सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करे, ताकि शहर में किसी भी प्रकार का विवाद या अस्वच्छता की स्थिति निर्मित न हो।

