Lokayukta Trap चोर के पीछे पुलिस तो अक्सर भागती दिखती है लेकिन पुलिस के पीछे पुलिस कम ही नजर आती होगी। ऐसा नजारा दिखा उमरिया जिले के अमरपुर चौकी में।
जिले के अमरपुर पुलिस चौकी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक रिश्वत मांगने के आरोप में रीवा की लोकायुक्त टीम छापामार कार्यवाही करने अमरपुर चौकी पहुंची हुई थी। तय समय मे फरियादी रुपये लेकर चौकी पहुंचा और जैसे ही फरियादी ने ASI को रुपये हाथ मे दिए उसके तुरंत बाद लोकायुक्त की टीम ने छापा मार दिया।
फिर क्या था उस दौरान ASI लोकायुक्त को देखते रुपये फेंककर भागने लगा जिसे पकड़ने के लिए लोकायुक्त टीम को बहुत भाग दौड़ करना पड़ा। इधर मौका पाकर चौकी प्रभारी अमित भी चौकी से पैदल दौड़ लगा दी और वहीं पास में खड़ी मोटरसाइकिल में गिरते पड़ते भाग खड़े हुए उन्हें पकड़ने लोकायुक्त टीम की टीम दूर पनपथा के पास तक खदेड़ा लेकिन वह निकल लिए। बड़ी मुश्किल से पकड़ में आये।
मिली जानकारी के अनुसार बाणसागर डैम में मछली चोरी करने से जुड़ा है जिसमे पुलिस में शिकायत के बाद आरोपी से दरोगा जी उसके पास और पकड़कर चौकी ले आये और उससे पैसे की मांग करने लगे। कई बार उसके द्वारा बताया गया कि वह इसमे शामिल नही है लेकिन एसआई अमित पटेल नही माने और उसे प्रताड़ित करने लगे।
शिकायतकर्ता चंदन लोनी ने लोकायुक्त को बताया कि इस झूठे मामले और पुलिस प्रताड़ना से बचने के लिए एसआई के द्वारा मांगे गए 40 हजार में से 35 हजार पहले दे चुका है। शेष 5 हजार के लिए उसे फिर से फंसाने के लिए धमकाया जा रहा था। यह सब बातें पुलिस और एक अमजद नामक स्थानीय निवासी के द्वारा उससे उसके मोबाइल पर की जाती रही है। पुलिस की प्रताड़ना से तंग होकर चंदन लोनी ने लोकायुक्त रीवा को इसकी शिकायत कर दी जिसके बाद मोबाइल में बातचीत की रिकार्डिंग आदि को सही पाते हुए लोकायुक्त टीम के द्वारा आज सुबह लगभग 10 बजे छापामार कार्यवाही की गई
शनिवार को दोपहर रीवा लोकायुक्त की टीम ने अमरपुर पुलिस चौकी में दबिश दी। यहां लोकायुक्त की टीम ने सब इंस्पेक्टर अमित पटेल, सहायक उपनिरीक्षक सोहन लाल और एक ग्रामीण मोहम्मद सत्तार को 4500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त रीवा के डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में ये कार्रवाई की गई है।
















