विभागीय अड़ंगेबाजी क़े चलते शिक्षकों की चतुर्थ क्रमोन्नति बनी मज़ाक
शिक्षक संघ ने जताई नाराजगी, सौंपा ज्ञाप
कटनी /पैंतीस वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके जिले क़े शिक्षकों को मिलने वाली क्रमोन्नति का लाभ, शासन द्वारा जारी आदेश क़े छः माह का समय गुजर जाने क़े बाद कटनी जिले में आज भी ज्यों का त्यों लंबित है।
इस हेतु जिले क़े विभिन्न शिक्षक -कर्मचारी संगठनों क़े द्वारा जिला कलेक्टर से लेकर जिला पंचायत सी.ई.ओ. और जिला शिक्षा अधिकारी को अनेकों अनेक ज्ञापन देकर शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाने हेतु संघर्ष का रास्ता तक अख्तियार किया गया। किन्तु कटनी जिला में शिक्षकों को उनका वाजिब हक प्रदान करने में जबाबदेय अधिकारीयों क़े द्वारा वरती गयी अब्बल दर्जे की अनियमितता से शिक्षकों की चिंता बढ़ती जा रही है।
कर्मचारी संगठनों क़े दबाब को देखकर कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिस तरह से शिक्षकों क़े दस्तावेजों को कार्यालय से गुम हो जाने का संकेत दिया जा रहा है, उससे साफ समझ में आता है,कि शिक्षा विभाग शिक्षकों क़े आर्थिक हित से जुड़े से मुद्दे को निपटाने में कतई गंभीर नहीं है।जिला शिक्षा अधिकारी –
कार्यालय में कमी निकालो समिति का गठन कर शिक्षकों क़े द्वारा संकुलों क़े माध्यम से जमा दस्तावेजों में कमी निकाल कर अब यह साबित किया जा रहा है,कि जिले क़े संकुल प्राचार्यों क़े द्वारा शिक्षकों क़े आधे अधूरे अभिलेख कार्यालय में जमा किये जाने से कार्य में विलंब हुआ हो रहा है । जबकि प्रमाण क़े तौर पर संकुल प्रचार्यों क़े पास जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की वह पावती आज भी सुरक्षित है, जिसमें सभी अभिलेखों क़े जमा होने की पुष्टि दी गयी पावती में स्पष्ट उल्लेख है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा संकुल केंद्रों क़े नाम जारी कमी लेखा -पत्र में करीब 140 शिक्षकों की पांच साल की गोपनीय चरित्रावली संलग्न न होने का उल्लेखभी शिक्षकों को हैरान कर रखा है।नाराज शिक्षक संघ क़े पदाधिकारियों नेआज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुँचकर जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थित में सहायक प्रोग्रामर अकादमी राकेश बारी को ज्ञापन सौंप कर कार्यालय में पदस्थ शाखा प्रभारी की जबाबदारी तय करने की मांग दुहराते हुये ना रेवाजी किये । जिला शिक्षा अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपने वाले पदाधिकारियों ने स्पष्ट किये कि बगैर गोपनीय चरित्रा वली क़े शिक्षकों क़े अभिलेख जमा ही नहीं हो सकते थे, फिर अचानक इस तरह का मनगड़न्त, और हास्याप्रद कमियों को सार्वजानिक कर शिक्षकों और संकुल प्राचार्यों का माखोल विभागीय छवि को धूल धूश्रित करने वाला कृत्य पर जबाबदेय अधिकारी अपना पक्ष सार्वजनिक करें ।
शिक्षकों क़े नेतृत्वकर्ताओं में गणेश शंकर गर्ग,शिवकुमार सोलंकी, प्रमोद मिश्रा, अनिल प्यासी,अजय मिश्राऔर कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग किये हैं, कि पैंतीस वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान क़े लाभ से लाभान्वित होने वाली सूची बगैर किसी पात्र शिक्षक का नाम छूटे यथा शीघ्र एक सप्ताह क़े भीतर, सकुशल जारी कराई जावे, अन्यथा शिक्षकों का आक्रोश कभी भी सड़कों पर उबलते नजर आ सकता है, जिसकी जबाबदारी जिला शिक्षा प्रशासन की मानी जायेगी।













