Saturday, October 24, 2026
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विद्यार्थियों को जैविक कृषि उत्पादन प्रमाणीकरण का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। 

विद्यार्थियों को जैविक कृषि उत्पादन प्रमाणीकरण का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

कटनी। स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में मध्य प्रदेश शासन उच्चशिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा के साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को प्राचार्या डॉ सरिता पांडे के मार्गदर्शन में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा जैविक खेती का प्रशिक्षण शासन द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार दिया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यार्थियों को जैविक कृषि उत्पादन प्रमाणीकरण का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। जैविक खेती कि वह प्रणाली है जो प्रकृति व पर्यावरण को स्वच्छ व संतुलित रखती है जैविक खेती में भूमि की उर्वरा शक्ति जल धारण क्षमता में वृद्धि जैव विविधता को बनाए रखते हुए जल पर्यावरण एवं वायु को प्रदूषित किए बिना उत्पादन प्राप्त किया जाता है। बाजार में जैविक कृषि उत्पादन जैविक प्रमाणीकरण के नियमों का पालन कर प्रमाणित हो। प्रमाणीकरण एक सतत प्रक्रिया है जिसमें जैविक उत्पादन की विभिन्न अवस्थाओं जैसे उत्पादन प्रसंस्करण भंडारण इत्यादि का जैविक मानकों के आधार पर प्रमाणीकरण संस्थाओं द्वारा निरीक्षण किया जाता है इसके बाद कृषक को जैविक कृषि उत्पादन का प्रमाण पत्र दिया जाता है। इसके लिए मध्य प्रदेश शासन द्वारा मध्य प्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था का गठन किया गया है यह संस्था जैविक कृषि उत्पादों को सहभागिता गारंटी प्रणाली के अंतर्गत प्रमाणित करता है जैविक उत्पादों पर प्रमाणीकरण के पश्चात इंडिया ऑर्गेनिक मार्क लगाया जाता है जो उन उत्पादों के जैविक मानकों परखरा होने की गारंटी है। जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण के लिए समूह का गठन ग्राम स्तर पर किया जाता है जैविक कृषि उत्पादन प्रमाणीकरण की आवश्यकता मानकों का ज्ञान अनु पालना प्रक्रिया योजना निरीक्षण भारत में प्रमाणीकरण तंत्र आदि का विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

Anubhav Shukla

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