MP के कर्मचारी भी गजब है! 9 साल पहले रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी फिर घूस के साथ धरे गए

MP अजब है सबसे गजब है। लोग एक बार गलती करें तो दोबारा फिर गलती दोहराने की शायद नहीं सोचते वह भी तब जब शासकीय कर्मचारी हों और गम्भीर मामले में फंस चुके हों पर मध्यप्रदेश में एक पटवारी ने 9 साल पहले रिश्वत लेने लेते पकड़े जाने को न सिर्फ भुला दिया वरन बिंदास ढंग से पुनः रिश्वत की मांग की और फिर पकड़े गए।

रीवा जिले में एक पटवारी ने निर्माण कार्य में आपत्ति लगाकर रिश्वत की मांग कर रहा था। इसके पहले भी वर्ष 2013 में आरोपित पटवारी 25 सौ की रिश्वत लेते पकड़ा जा चुका है। यह कार्रवाई बुधवार को रतहरा स्थित पटवारी के कार्यालय में की गई है। जियाउल हक लोकायुक्त ट्रेप अधिकारी की मौजूदगी में 12 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की।

अनुराग मिश्रा प्रॉपर्टी डीलर ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी कि रतहरा हल्का पटवारी धीरज पांडे निर्माण कार्य में आपत्ति लगाकर रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने जांच की। बारीकी से जांच करने के बाद बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। दोपहर करीब 12 बजे पटवारी धीरज पांडे को लोकायुक्त टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।

2013 में पकड़े गए थे धीरज

 

धीरज पांडे पटवारी को 30 दिसंबर 2013 में नामांतरण और ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। लोकायुक्त टीम रीवा ने 25 सौ रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर जियाउल हक निरीक्षक लोकायुक्त, अप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह, मुकेश मिश्रा, शैलेंद्र, शिवेंद्र, धर्मेंद्र, सुजीतपंच साक्षी सहित 12 सदस्य टीम मौजूद रहे।