तो क्या वैक्सीन लगवाने वाले नागरिक नहीं जा पाएंगे विदेश ?, जानिए ये है मामला

WHO Vaccine Passport विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक कोवैक्सीन को इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में नहीं जोड़ा है।

नई दिल्ली । WHO Vaccine Passport। वैश्विक स्तर पर फैली कोरोना महामारी के बीच अधिकतर देशों में यातायात पहले की तुलना में बेहद कम हो गया है। ऐसे में अब कई देश कोरोना वैक्सीन पासपोर्ट (Vaccine Passport) पर काम करना शुरू कर रहे हैं। ये देश ऐसे लोगों को ही पासपोर्ट देने पर विचार कर रहे हैं, जिन्हें कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। कई देशों ने टीका प्राप्त यात्रियों के लिए नीतियों की घोषणा भी कर दी है। ऐसे में भारत में बनी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन Covaxin लगवाने वालों के सामने एक नई मुसीबत आ गई है। दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि Covaxin वैक्सीन फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल नहीं है, ऐसे में जिन लोगों ने Covaxin कोरोना वैक्सीन लगवाई है, उन लोगों की विदेश यात्रा पर रोक लग सकती है।

फिलहाल डब्ल्यूएचओ की लिस्ट में ये वैक्सीन

कई देश फिलहाल उन ही वैक्सीन को अनुमति दे रहे हैं, जिन्हें वहां के सरकारी रेगुलेटर्स की मंजूरी दी जा चुकी हो या फिर वे यात्री विश्व स्वास्थ्य संगठन की सूची में शामिल हो। फिलहाल इस लिस्ट में ये वैक्सीन शामिल हैं –

– सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्ड (Covishield)

– मॉडर्ना (Moderna)

– फाइजर (Pfizer)

– एस्ट्राजेनेका 2 (AstraZeneca)

– जेनसेन (Janssen Vaccine)

– सिनोफार्म (Sinopharm Vaccine)

 

कोवैक्सीन को मंजूरी मिलने में लग सकता है समय

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक कोवैक्सीन को इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में नहीं जोड़ा है। WHO की हाल ही में जारी की गई गाइडलाइंस के अनुसार भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जमा किया है, लेकिन फिलहाल इस वैक्सीन के विषय में अभी और जानकारी की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक उसकी एक अहम मीटिंग मई के आखिरी हफ्ते या जून के प्रथम सप्ताह में होने वाली है। इस बाद भारत बायोटेक कंपनी को एक डोजियर जमा करना होगा, इसे लेकर भारत बायोटेक की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

 

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