
विद्यार्थियो को पोषक तत्व की तकनीकी जानकारी का प्रशिक्षण दिया गय
कटनी। मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय विजय राघवगढ़ में स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्यडॉ अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ डॉक्टर श्रीमती सुमन पुरवार के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा। प्रशिक्षण में बतलाया गया पौधों का भोज्य पदार्थ के रूप में 17 आवश्यक तत्व की जरूरत पड़ती है इनमें से किसी भी तत्व की कमी होने पर पौधे अपना जीवन चक्र सफलतापूर्वक पूर्ण नहीं कर पाते हैं इन तत्वों को पौधे तना जड़ एवंपत्तियां द्वारा भूमि हवा और पानी से ग्रहण करते हैं इन आवश्यक पोषक तत्वों को चार भागों में बांटा गया है हवा एवं पानी से प्राप्त होने वाले पोषक तत्व कार्बन हाइड्रोजन ऑक्सीजनमुख्य पोषक तत्व के अंतर्गत नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश पौधों की अधिक मात्रा में आवश्यकता पड़ती है द्वितीय पोषक तत्व के अंतर्गत कैल्शियम मैग्नीशियम सल्फर पौधों को मुख्य पोषक तत्वों से कम आवश्यकता होती है सूक्ष्म पोषक तत्वों के अंतर्गत लोहा मैगनीज कॉपर जिंक बोरान मालीबिडनम क्लोरीन तथा निकिल की आवश्यकता होती है। प्रत्येक फसल के लिए पोषक तत्वों की उपयोगिता के विषय में विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। जैविक खादों मैं सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं जबकि रासायनिक खादों मैं अधिकतम दो या तीन तत्व पाए जाते हैं। जैविक खादों का असर 3 वर्षों तक बना रहता है जिसे जैविक खेती टिकाऊ खेती कहते हैं जबकि रासायनिक खादों का असर एक फसल तक रहता है।








