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जानें ज्योतिष की नजर में क्यों मंडरा रहा भारत पर खतरा

जानें ज्योतिष की नजर में क्यों मंडरा रहा भारत पर खतरा
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष अनुसार यदि कुंडली में मंगल व राहु का स्थान या दृष्टि संबंध स्थापित हो तो ऐसी अवस्था में अंगारक योग निर्मित होता है। इस योग के कारण स्वभाव में आक्रामकता, उत्तेजना व नकारात्मकता आती है। जिसके कारण बंधुओं, मित्रों, रिश्तेदारों व पड़ोसियों के साथ संबंध खराब होते हैं। मान्यतानुसार अंगारक योग की अवस्था में क्रोध इतना हावी होता है की व्यक्ति से आपराध भी होते हैं तथा ऐसी अवस्था वाद-विवाद व रक्तपात को भी जन्म देती है। इस योग की अवस्था में मंगल व राहु दोनों ही अशुभ हों तो परिणाम और घातक होते हैं। कुंडली में मंगल व राहु दोनों में से किसी के शुभ होने पर अधिक अशुभ फल प्राप्त नहीं होते। कुंडली में मंगल व राहु दोनों के शुभ होने पर अंगारक योग के शुभ फल भी मिलते है।
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इंटरनेट से उपलब्ध जानकारी अनुसार भारत के सर्वलोक प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्म रविवार दिनांक 17.09.1950 गुजरात के मेहसाना जिले में हुआ था। इनके जन्म समय चंद्र व मंगल दोनों ही कुण्डली के लग्न में वृश्चिक राशि में विराजित थे। ग्यारहवें भाव कन्या राशी में सूर्य बुध व केतु विराजित थे। धनेश व पंचमेश बृहस्पति चौथे भाव कुंभ राशी में विराजित थे। द्वादशेश व सप्तमेश शुक्र तथा परकर्मेश व सूखेश शनि दसवें भाव सिंह राशी में विराजित थे। इस ग्रहों स्थिति के कारण प्रधानमंत्री जी की कुंडली में अनेक दुर्लभ योग जैसे की रुचक महापुरुष योग, बुधादित्य योग, अमल कीर्ति योग, पर्वत योग, सांख्‍य योग, अखंड साम्राज्य योग और अमर योग जैसे कुछ योग बन रहे है, इसके अलावा भी कुछ विशिष्ट भी है।
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मोदी जी की कुंडली में कुछ विशिष्ट शुभ योग भी बन रहे हैं जो इस प्रकार हैं; भाग्य स्वामी चंद्रमा नीचभंग योग बना रहा है। गुरु-चंद्र मिलकर गजकेसरी योग बना रहे हैं। स्वयं नक्षत्र का शुक्र होने से मूसल योग बनता है। कुंडली के चार भावों में सात ग्रह होने से केदार योग बनता है। स्वराशि मंगल लग्नेश होकर लग्न में होने से रूचक योग बन रहा है। सूर्य से पिछली राशी में ग्रह होने से वाशि योग बन रहा है। लग्न में चंद्रमा और मंगल होने से भेरी योग बनता है। चंद्र और मंगल की युति से लक्ष्मी-नारायण योग बन रहा है। चतुर्थेश व नवमेश एक दूसरे के केंद्र में होने पर कालह योग बन रहा है। पंचमेश व षष्टेष केंद्र में होने से शंख योग का निर्माण हो रहा है तथा सूर्य से तृतीय स्थान पर चंद्रमा होने से वरिष्ठ योग बन रहा है।
भारत और मोदी जी पर आंगरक योग का असर
भारत की कुंडली से आंगरक योग तीसरे, चौथे, छठे, सातवें, आठवें, नवें, दसवें व एकादश भाव को प्रभावित करेगा। मोदीजी की कुंडली से आंगरक योग नवें, दसवें, द्वादश, लग्न, चौथे, तीसरे, छठे व पंचम भाव को प्रभावित करेगा। दोनों  कुंडली में आंगरक दोष समस्या पैदा करने वाला रह सकता है। देखने योग्य बात यह है की मंगल व राहु कर्क में अनिष्ट परिणाम देते हैं। तथा मंगल सिंह में शुभ परंतु राहु सिंह में अशुभ परिणाम देते हैं। ऐसे में भारत के पड़ोसियों से संबंध बिगड़ सकते हैं। पड़ोसियों से हिंसक झड़प होने की संभावना है। ऐसी संभावना है की कोई विशिष्ट पदासीन मंत्री को शारीरिक हास या मृत्युतुल्य कष्ट हो सकता है। भारत पर आतंकवाद छाया रह सकता है। इसके अलावा इन 21 दिनों में भूकंप व बाड़ की प्रबल संभावना बन रही है। जिसके चलते जनमानस को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा सोमवार दिनांक 07.08.17 को लाग्ने वाला चंद्र ग्रहण व सोमवार दिनांक 21.08.17 को लाग्ने वाला सूर्य ग्रहण बहुत बड़ी समस्या उत्तपन कर सकता है
स्वतंत्र भारत की कुंडली
15.08.1947 मध्यरात्रि भारत आज़ाद हुआ था, तब पुष्य नक्षत्र में भारत की कुंडली वृष लग्न की बनी। इसके अनुसार भारत की राशि कर्क है। इस समय भारत पर राशि स्वामी चंद्रमा की महादशा चल रही है जोकि 2025 तक रहेगी। वर्तमान में राहु की अंतर्दशा चल रही है जिससे शत्रु वर्ग भारत को परेशान करेंगे और भारत को नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे। यह समय राजनीतिक रूप से उठापठक वाला है। अगस्त माह में मंगल तथा सितंबर माह में ही बृहस्पति और राहु भी राशि परिवर्तन करेंगें। वैदिक ज्योतिष की गोचर प्रणाली अनुसार वर्तमान में कर्क का नीच मंगल भारत की राशी में है व मोदीजी के भाग्य स्थान पर है। छाया ग्रह राहु भारत की कुंडली के धन स्थान सिंह में है तथा मोदीजी के दशम स्थान पर है। 

वैदिक ज्योतिष की गोचर प्रणाली अनुसार मंगल कर्क राशी से सिंह राशी में रविवार दिनांक 27.08.17 को प्रात: 08:51 पर प्रवेश करेंगे। अशुद्ध राहु छाया शुक्रवार दिनांक 18.08.17 को रात  00:37 बजे सिंह राशी से कर्क राशी में प्रवेश करेगी। तथा शुध रूप से राहु सिंह राशी से कर्क राशी में शनिवार दिनांक 09.09.17 रात 02:03 पर प्रवेश करेगा। दोनों लिहाज से दिनांक 18.08.17 से दिनांक 09.09.17 तक राहु मंगल की युति रहेगी जिससे की आंगरक दोष का निर्माण होगा। भारत की लग्न कुंडली से अंगारक योग पराक्रम और चतुर्थ स्थान पर बनेगा तथा चंद्र राशी से धन और लग्न में बनेगा। प्रधानमंत्री मोदीजी की लग्न कुंडली और चंद्र कुंडली से अंगारक योग भाग्य और कर्म स्थान पर बनेगा। इसके परिणाम कुछ शुभ नहीं रहेगे।

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