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सर्दी, बुखार, खांसी और बदन दर्द है तो क्‍या करें, AIIMS व मेदांता के डॉक्टरों की जरूरी सलाह

तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने सरकार के साथ साथ चिकित्‍सा जगत की भी चिंता बढ़ा दी है। देश के दिग्‍गज चिकित्‍सा विशेषज्ञों ने बुधवार को इस महामारी से निपने के उपाय बताए। विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना संक्रमण अब कोई अनजान बीमारी नहीं है। यह कॉमन संक्रमण बन चुकी है। इससे बचाव के उपाय ही इससे निपटने का मजबूत उपाय है।

 

सही समय पर संक्रमण की पहचान हो जाना और इसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाना बेहद जरूरी है। मेदांता अस्‍पताल के विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्‍शन कोरोना के इलाज की रामबाण दवा नहीं है। देखा गया है कि केवल वायरल लोड को कम करने में मदद करती है। हर मरीज के लिए इसका इस्‍तेमाल जरूरी नहीं है।

यह मृत्यु दर घटने वाली दवा भी नहीं है। उन्‍होंने यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण में बेहद कम लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल के बिस्तरों का इस्‍तेमाल जिम्मेदारी के साथ हो इसके लिए इसके लिए हमें अफरातफरी नहीं मचाना चाहिए। नारायणा हेल्थ के चेयर मैन डॉ. देवी शेट्टी ने बताया कि यदि आपको बदन दर्द, सर्दी, खांसी, अपच, उल्टी जैसे लक्षण हैं तो मेरा सुझाव है कि आप कोविड-19 की जांच करा लीजिए।

यह बीमारी के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। यदि आप एसिम्‍टोमेटिक हैं तो डॉक्टर आपको घर पर आइसोलेशन में रहने, मास्क पहनने और अपना ऑक्सीजन सैचुरेशन हर छह घंटे में चेक करने के लिए कहेंगे। यह कोरोना संक्रमण के इलाज में बेहद जरूरी है। मेदांता अस्‍पताल के विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्‍शन कोरोना के इलाज की रामबाण दवा नहीं है। देखा गया है कि केवल वायरल लोड को कम करने में मदद करती है। हर मरीज के लिए इसका इस्‍तेमाल जरूरी नहीं है। यह मृत्यु दर घटने वाली दवा भी नहीं है।

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