MP के BJP विधायक ने की घोषणा जिस गांव में 100% वेक्सीनेशन वहां इनाम 10 लाख

मध्य प्रदेश की होशंगाबाद विधानसभा के विधायक सीताशरण शर्मा ने ऐलान किया है कि उनकी विधानसभा मे जिस गांव में 100% वैक्सीनेशन पहले हो जाएगा उसे 10 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा.

ग्रामीण इलाकों में धीमी वैक्सीनेशन अब सरकार के लिए चुनौती बनती जा रही है. सरकार जहां अलग-अलग जागरूकता अभियान चला कर वैक्सीनेशन बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है, तो वहीं दूसरी तरफ नेता भी लाखों रुपये के इनाम की घोषणा कर रहे हैं. ताकि वैक्सीनेशन ज्यादा से ज्यादा हो. मध्य प्रदेश के होशंगाबाद की ग्राउंड रिपोर्ट कम से कम यही कहती है..

ग्रामीण इलाकों में लगातार वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बना हुआ है. हालात यह है कि सरकार अब जागरूकता अभियान चलाने की बात कर रही है. इस बीच मध्य प्रदेश की होशंगाबाद विधानसभा के विधायक सीताशरण शर्मा ने ऐलान किया है कि उनकी विधानसभा मे जिस गांव में 100% वैक्सीनेशन पहले हो जाएगा उसे 10 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा.

भोपाल से करीब 85 किलोमीटर दूर हासलपुर गांव पहुंची, जहां विधायक सीताशरण शर्मा गांव में घूम-घूम कर लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील कर रहे थे. सीताशरण शर्मा पूर्व मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं और खुद भी डॉक्टर हैं.

‘मीडिया’ से बात करते हुए उन्होने बताया कि उनके घर में भी सभी को कोरोना हो चुका है लेकिन उन्होंने सबको वैक्सीन लगवाई है. 18 साल से उपर के बच्चों को भी वैक्सीन का डोज़ लग चुका है. मैं खुद एक डॉक्टर हूं और वैक्सीन के पहले डोज़ के बाद ही संक्रमित हुआ था, लेकिन वैक्सीन लगवाने के कारण मुझे गंभीर संक्रमण नहीं हुआ और 5 दिन में ही कोरोना आकर चला गया.

सीताशरण शर्मा ने आगे कहा कि मैं दावे के साथ बोल सकता हूं कि वैक्सीन की पहली डोज़ के बाद आप 90 फीसदी तक सुरक्षित हो जाते हो और दूसरी डोज़ के बाद शत-प्रतिशत सुरक्षा होगी. इसलिए वैक्सीन ज़रूर लगवाना चाहिए. इसलिए मैंने घोषणा की है कि जो ग्राम पंचायत शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन करवा लेगी उसे 10 लाख रुपए विकास निधी के तौर पर अतिरिक्त दूंगा.

इनाम की घोषणा के बाद बढ़ा वैक्सीनेशन
दरअसल, 10 लाख रुपए इनाम के पीछे एक बड़ी वजह है यहां के ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार. दरअसल, सीताशरण शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में कुल 23 ग्राम पंचायतों के तहत 40 गांव आते हैं और इन गांवों में पिछले महीने तक महज़ 17% वैक्सीनेशन हुआ था. लेकिन विधायक द्वारा 10 लाख की इनाम की घोषणा के बाद यहां वैक्सीनेशन बढ़कर 52% हो गया है. जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां 60 फीसदी तक की आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है.

वैक्सीन के बाद बुखार का डर
हालांकि मूल रूप से गेहूं की खेती वाले इन गांवों में लोगों को इस बात का डर ज्यादा है कि वैक्सीन लगवाएंगे तो बुखार आएगा और फिर खेत मे काम कैसे करेंगे क्योंकि अभी मूंग की फसल खेत मे खड़ी है. पड़ताल के दौरान हम नौहर गांव में पहुंचे, जहां करीब 210 लोगों को वैक्सीन लगनी है लेकिन सिर्फ 22 को ही लगी है.

गांव के ही रहने वाले धनंजय दुबे की मानें तो पहले गेहूं की कटाई और फिर मूंग की बुआई आ गई. ऐसे में किसान को इस बात का डर सताने लगा कि वैक्सीन लगवाएंगे तो आराम करना पड़ेगा. इसलिए यहां वैक्सीन का प्रतिशत कम है. मध्य प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 13 लाख 67 हज़ार से ज्यादा वैक्सीन डोज़ लगाए जा चुके हैं, जिसमे से ज्यादातर शहरी आबादी है. लिहाजा ग्रामीण अंचलों में वैक्सीन पर फैली भ्रांतियों को दूर करना बेहद ज़रूरी हो जाता है.

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