तपन निषाद/कटनी- कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और लगातार आपराधिक कृत्यों को लेकर निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने सख्त रुख अपनाते हुए चौकीदार श्री राजन रावत की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।
जारी आदेश के अनुसार श्री राजन रावत, चौकीदार की नियुक्ति कार्यालयीन आदेश दिनांक 05.10.2018 के तहत उनके पिता स्व. श्री रमाकांत रावत (सहायक ग्रेड-02) की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाने पर अनुकंपा के आधार पर दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर चौकीदार के पद पर की गई थी। उन्हें निगम द्वारा संचालित साधूराम उ.मा. शाला में पदस्थ किया गया था।
परिवीक्षा अवधि के दौरान इनके विरुद्ध कर्तव्य के प्रति लापरवाही,अनुशासनहीनता, कार्यस्थल पर मादक पदार्थों का सेवन तथा शासकीय संपत्ति को क्षति पहुँचाने संबंधी आरोपों पर समय-समय पर निलंबन एवं विभागीय जांच की कार्यवाही की गई। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर आदेश दिनांक 14 फरवरी 2025 द्वारा दीर्घ शास्ति अधिरोपित कर अंतिम चेतावनी दी गई थी। तत्पश्चात भी इनके आचरण में सुधार नहीं होने तथा थाना कोतवाली, कटनी में 03 बार प्राथमिकी दर्ज होने, रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में गाली-गलौज, शासकीय कार्य में व्यवधान एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप विभागीय जांच में प्रमाणित पाए गए।
आदेश में उल्लेखित किया गया है कि श्री राजन रावत की परिवीक्षा अवधि आज दिनांक तक समाप्त नहीं हुई है। परिवीक्षा अवधि में ही उनके विरुद्ध कोतवाली थाने में 03 बार प्राथमिकी दर्ज होना, लगातार कारण बताओ नोटिस, दो बार निलंबन और विभागीय जांच में दोषी पाए जाने से स्पष्ट है कि उनका कार्य संतोषजनक नहीं है और वे एक उपयुक्त शासकीय सेवक के रूप में सिद्ध नहीं हो सकते हैं।
उक्त कृत्यों को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन, परिवीक्षा अवधि के दौरान पुलिस में एफआईआर दर्ज होने तथा नियुक्ति आदेश की शर्त क्र. 01 एवं म.प्र. सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम 1961 के नियम 8(4) में निहित प्रावधान के अनुसार श्री राजन रावत, चौकीदार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं है।













