Thursday, October 22, 2026
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सायना महाविद्यालय में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया व्यास पूजन। गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व: व्यास पूजा – दया शंकर मिश्र।

सायना महाविद्यालय में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया व्यास पूजन।

गुरु-शिष्य परंपरा का महापर्व: व्यास पूजा – दया शंकर मिश्र

 

कटनी। सायना इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ मैनजमेंट स्टडीज सकटनी द्वारा व्यास पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मां वीणापाणि सरस्वती जी व भगवान वेदव्यास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बीबीए के छात्र प्रशांत ने पूजन कराया। तत्पश्चात उक्त कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय शिक्षण मंडल के प्रान्त संगठन मंत्री श्री दयाशंकर मिश्र, मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. चित्रा प्रभात, प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी, एवं श्री मोहन नागवानी जी संचालक शिकागो पब्लिक हायर सेकंडरी स्कूल कटनी के आतिथ्य में सायना महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी.राजेश कुमार ने शाल व श्रीफल भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पधारे श्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं तथा जीवन में सही दिशा और संस्कार प्रदान करते हैं, गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि शिष्य के व्यक्तित्व निर्माण का मार्गदर्शक होता है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। उन्होंने कहा कि व्यास पूजन हमें अपनी महान गुरु परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

उद्बोधन की श्रंखला में मुख्य अतिथि डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भी आवश्यकता है। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी न केवल अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने सभी से गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

इसी अवसर पर कार्यक्रम में पधारे श्री मोहन नागवानी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महर्षि वेदव्यास भारतीय ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के महान स्तंभ हैं। उनके जीवन एवं कृतित्व से हमें ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान वेदव्यास जी के जीवन, उनके द्वारा किए गए महान साहित्यिक एवं धार्मिक कार्यों तथा गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों ने गुरु परंपरा को आगे बढ़ाने तथा समाज में ज्ञान, संस्कार और सद्भावना का प्रसार करने का संकल्प लिया।

उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी.राजेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गुरु की महत्ता का वर्णन किया। इस अवसर पर डॉ.सी.ए. लियोनी, प्रो.आर. अबिरामी, सुश्री याशिका तिवारी, श्री शरद यादव,श्री अरुण उरमलिया, श्री हीरालाल केवट, श्री सत्यवीर सिंह, दोलन रॉय, संगीता मिश्रा, रुचिता लूनावत, नेहा सिंह, श्वेता चांदवानी, प्रशांत सोनी, माला रोहरा, सौरभ सेन सहित छात्र/छात्राओं की उपस्थित रही।

अंत में अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार डॉ.सी.ए. लियोनी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री शरद यादव के द्वारा किया गया अंत मे समापन के बाद मंगल आरती एवं प्रसाद का वितरण किया गया।

 

 

Anubhav Shukla

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