
जिले का शिक्षक आज भी चतुर्थ क्रमोन्नत- समयमान वेतनमान के लाभ से वंचित चार माह गये गुजरने के बाद भी नहीं जारी हो सकी पात्र शिक्षकों की चौथी क्रमोन्नत सूच
कटनी /जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कटनी में शिक्षकों के आर्थिक हित से जुड़े प्रकरणों को किस तरह से जानबूझकर लटका कर रखा जाता है, इसका जीता जागता उदाहरण, पैंतीस वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को प्राप्त होने वाले चतुर्थ क्रमोन्नत- समयमान वेतनमान से होने वाले लाभ से महरूम शिक्षकों के घाव को समझकर सहज ही लगया जा सकता है।तत संबंध में राज्य शासन स्तर से
विगत अप्रैल माह में जारी चतुर्थ क्रमोन्नत-समयमान वेतनमान के आदेश के परिपालन में आज तक जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा पात्र शिक्षकों की सूची तक जारी न कर पाने से जिले के शिक्षकों का धैर्य अब सवाल जबाब करने पर तुला है।
शिक्षकों द्वारा बताया गया है,कि इस संबंध में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधिओं द्वारा जिला शिक्षा प्रशासन कटनी से पात्र शिक्षकों को यथाशीघ्र लाभ प्रदान करने हेतु अनेकों- अनेक बार लिखित और मौखिक दोनों प्रकार से अनुनय- विनय किया जाता रहा है। परिणामत: हर बार प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक प्रतिनिधिओं को यह कहकर आश्वासन रूपी झुनझुना पकड़ाया जाता रहा, कि बस इसी सप्ताह पात्र शिक्षकों की सूची निकल जायेगी। किन्तु अनेकों अनेक बार मिले आश्वासन के बाद भी आज पर्यन्त तक पात्र शिक्षकों की सूची जारी न होने से शिक्षक संवर्ग भीषण आर्थिक नुकसान के दौर से गुजरते हुये, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मंथरगतीय कार्य प्रणाली पर सवाल निशान खड़ा कर रहा है। अधिकारी- कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के प्रांतीय प्रवक्ता मार्तण्ड सिँह राजपूत और समग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने शिक्षकों के साथ हो रहे जमकर आर्थिक अन्याय पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुये,शिक्षकों की पीड़ा अब आयुक्त लोक शिक्षण संस्थान भोपाल दरबार सहित सी.एम. हेल्पलाइन में अधिक से अधिक शिक्षकों से शिकायत दर्ज करवा कर सुस्त पड़ी कार्यवाही में जान फूँकने की रणनीति पर कार्य करना प्रारंभ किया जा चुका है।
वहीं कुछ पदाधिकारियों द्वारा इस प्रक्रिया में हो रहे अनावश्यक विलंब को जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी मेंअचानक हुये फेरबदल को भी उत्तरदायी मान के यह चल रहे हैँ।कतिपय शिक्षक प्रतिनिधियों का मानना है कि शिक्षकों के पदोन्नति सूची जारी होने के पहले उनकी चौथी क्रमोन्नति सूची जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कर दी जायेगी। अब जानकारों के दिल और दिमाक में एक ही सवाल कौंध रहा है, कि जिले में पूर्व पदस्थ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी का प्रभार छिनने के बाद अब ज़ब उत्तम स्थिति के जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में एस. एन.पाण्डेय को शिक्षा विभाग की जबाबदारी मिल चुकी है,तब शिक्षकों को उनके हक से महरूम रखना कहाँ का न्याय है? जबकि कटनी में पहले से रह चुके नवागत जिला शिक्षा अधिकारी की छवि हमेशा से ही, चुस्त दुरुस्त और शिक्षक केंद्रित रही है। किन्तु उनके द्वारा एक पखवाड़े से ज्यादा समय से कार्यभार ग्रहण कर जिले के शिक्षकों का कार्य निपटाने में भरोषा रखने के बाद भी शिक्षकों के आर्थिक हित से जुड़े इस बहुप्रतिक्षित कार्यवाही को अंजाम तक पहुँचाने में उनकी रूचि का अभाव शिक्षक प्रतिनिधियों के समझ के परे है।बहरहाल कुछ भी हो शिक्षकों को शासन स्तर से मिले लाभ को यथा शीघ्र लाभान्वित कराने की जिम्मेदारी नवागत जिला शिक्षा अधिकारी के साथ साथ जिला प्रशासन की भी बनती है।








