
विद्यार्थियों को पोषक तत्व एवं मिट्टी परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया।
कटनी। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहाड़ी निवार में विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण प्राचार्य आलोक पाठक के मार्गदर्शन में जैविक कृषि विशेषज्ञ राम सुख दुबे द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण में जैविक खेती की आवश्यकता एवं महत्व भूमि एवं मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को हो रहे नुकसान एवं एवं कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग प्राकृतिक खेती की जानकारी दी गई। ग्राम में उपलब्ध संसाधन गोबर कचरा फसल अवशेष खरपतवार आदि से जैविक खाद एवं गोमूत्र तथा विभिन्न पत्तियों से कीटनाशक बनाकर फसलों में उपयोग करने के विषय में बतलाया गया जिससे पैसों की बचत एवं बाजार पर निर्भरता कम हो जिससे खेती लाभ का धंधा बन सके एवं खेती में लागत कम हो । रासायनिक खाद में दो या तीन तत्व पाए जाते हैं जैविक खादों में सभी पोषक तत्व होते हैं । फसलों के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों की जानकारी दी गई मिट्टी परीक्षण के लिए गर्मी में गेहूं कटाई के बाद खेत से प्रति हेक्टर 10 से 15 स्थान से मिट्टी नमूना लेकर बतलाई गई विधि से 500 ग्राम मिट्टी नमूना पत्र के साथ मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भेजने तथा परिणाम पत्रक में दी गई सिफारिश के अनुसार फसलों में खाद देने की तकनीकी जानकारी दी गई मिट्टी परीक्षण से पीएच मान जैविक कार्बन विद्युत चालकता अम्लीयता छारीयता नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश की भूमि में उपलब्धता की जानकारी प्राप्त होती है व्यावसायिक शिक्षा प्रभारी मानसिंह बरकडे एवं व्यवसायिकशिक्षक प्रशिक्षण महेंद्र दोहरे ने प्रशिक्षण संपन्न कराने में सहयोग किया।








