Thursday, October 29, 2026
Latest:
HOMEMADHYAPRADESH

MP News पुलिस के दरोगा की वर्दी चुराई फिर उसी को पहन कर करते थे चोरी, गिरोह गिरफ्तार

MP News क्राइम ब्रांच ने पुलिस उपनिरीक्षक की वर्दी पहनकर दिन में सूने मकानों की रेकी कर रात में चोरी को अंजाम देने वाले जुबेर मंसूरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। किसी को संदेह न हो इसके लिए गैंग में शामिल लोग रेपिडो व ओला में बाइक चलाने का काम भी करते थे, ताकि कालोनियों में सूने मकानों की रेकी की जा सके। आरोपितों ने चोरी की नौ वारदातें कुबूल की हैं। गिरोह सरगना के पास से पुलिस की वर्दी, नकली पिस्टल, ताला तोड़ने के औजार एवं बड़े पैमाने पर चोरी का माल बरामद किया गया है।

एडीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गुरुवार शाम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से घूमकर कस्तूरबा अस्पताल के सामने भेल के सूने मकानों में तांक–झांक कर रहे हैं। उनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी है, लेकिन उसके हाव-भाव से लगता है कि वो पुलिस वाला नहीं है। इस आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बाइक सवार युवकों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान भीमनगर झुग्गी बस्ती निवासी 37 वर्षीय जुबेर मंसूरी एवं प्रेस काम्प्लेक्स स्थित झुग्गी बस्ती निवासी 28 वर्षीय शुभम आट्या के रूप में हुई। पूछताछ करने पर वे पुलिस का परिचय पत्र भी नहीं दिखा सके।

सीआइएसएफ के दारोगा की वर्दी चोरी की थी
पूछताछ में जुबैर ने पुलिस को बताया कि सादा कपड़ों में सूने मकानों की रेकी करने पर पकड़े जाने का डर रहता था। इस वजह से उसने शुभम के साथ मिलकर पुलिस की वर्दी पहनकर रेकी करने की योजना बनार्इ। इसके लिए उन्‍होंने गोविन्दपुरा में रहने वाले सीआइएसएफ के दारोगा दयाशंकर भधकारे के घर से वर्दी एवं अन्य सामान पर भी हाथ साफ कर दिया। असली पुलिस दिखने के लिये वे लोग एक नकली पिस्टल भी साथ रखते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को डराया जा सके। इस गिरोह में जुबेर मंसूरी का सगा भाई शाहरुख भी शामिल है। वह इंदौर में रहता है और चोरी का माल इंदौर में ठिकाने लगाता है। वह चोरी के सामान को सेकेंड हैंड बताते हुए मोहल्ले के लोगों को कम कीमत में बेच देता था।

Anubhav Shukla

Website Developer & Editor with 3 years of experience in regional news reporting and Managing News Website. Mobile: +919425156783 💬 Chat on WhatsApp