कटनी। कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने एसडीएम, तहसील कार्यालय और मुड़वारा नंबर दो का निरीक्षण किया। इस दौरान वे एसडीएम और तहसीलदारों के न्यायालय, रीडर सेक्शन, सीएम हेल्पलाईन सेक्शन, लोकसेवा गारंटी शाखा, कम्प्यूटर शाखा पहुंचे, जहां हो रहे कार्यों की प्रगति जानीं। उन्होंने अच्छा काम कर रहे कर्मचारियों की सराहना की और काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई। कलेक्टर ने कहा कि हमारा उद्देश्य राजस्व विभाग की सेवाओं का लाभ सुगमता से नागरिकों को मुहैया कराना है। विभागीय अमला तत्परता से इस काम में जुट जाये। कलेक्टर ने आरआरसी वसूली का जायजा शाखा प्रभारी से लिया। इस दौरान वसूली पंजी संधारित नहीं पाई गई। जिसका संधारण शाखा प्रभारी द्वारा वर्ष 2013 के बाद से नहीं किया गया है। लापरवाही पर कलेक्टर ने एसडब्ल्यूबीएन शाखा के सहायक ग्रेड-3 विजय पाण्डेय को सस्पेंशन का शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 4 साल की शेष पंजी 7 दिनों में संधारित करें। सोमवार को कोर्ट में उपस्थित होकर पंजी संधारण का प्रमाण पत्र दें, जिसके बाद उसकी जांच कलेक्ट्रेट की टीम द्वारा की जायेगी। इस दौरान एसडीएम राजेन्द्र पटेल, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव और नायब तहसीलदार अरविन्द यादव मौजूद रहे।
एसडीएम के रीडर को शोकाज
कलेक्टर ने एसडीएम न्यायालय के निरीक्षण के दौरान रीडर शाखा का जायजा भी लिया। इस दौरान प्रकरण विधिवत संधारित नहीं पाये गये। जिस पर रीडर अभय केलकर को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। निरीक्षण में एसडीएम और तहसीलदार को कलेक्टर ने अपने सभी स्टाफ के लोगों को जिनका कम्प्यूटर संबंधी कार्य है, उन्हें कम्प्यूटर सिखाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन्हें कम्प्यूटर का प्रशिक्षण करायें। ई-दक्ष सेंटर में भी बेसिक कम्प्यूटर मॉड्यूल पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। वहां भेजकर इन्हें कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिलायें।
वसूली के प्रकरण न रखें पेंडिंग, करें कुर्की
कलेक्टर ने आरआरसी की वसूली के लिये लंबित प्रकरणों को फुर्ती से निपटाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि आरआरसी वसूली के प्रकरणों की पेंडेन्सी खत्म करें। वसूली करें। यदि कुर्की की कार्यवाही करनी हो, तो बिना दबाव के कुर्की की कार्यवाही की जाये। कम्प्यूटर शाखा में पटवारियों को बटांकन करते देख कलेक्टर ने इसका कैलेंडर तय करने के निर्देश तहसीलदार को दिये। उन्होंने कहा कि इस कैलेंडर के साथ ही इन्हें बटांकन का लक्ष्य भी दें। जोकि इन्हें समय-सीमा में करनी है। जो पटवारी निर्धारित टाईम लिमिट में बटांकन का कार्य ना करे, उस पर कार्यवाही करें।
यह भी दिये निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित स्टाफ को आरसीएमएस पर न्यायालयीन प्रकरण सतत अपडेट करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। सभी रीडरों से अब तक के सारे प्रकरण आरसीएमएस पर दर्ज हो चुके हैं, इसका प्रमाण पत्र लेने की बात भी कलेक्टर ने कही। सीएम हेल्पलाईन में प्राथमिक स्तर एल-1 पर जवाब जरुर अपडेट करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये।

















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