Friday, October 23, 2026
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अरबपति हीरा व्यापारी की 8 साल की बेटी बनी संन्यासी, देवांशी ने कभी टीवी, या फिल्में नहीं देखीं

Businessman’s 8 year old daughter became a monk अरबपति हीरा व्यापारी की 8 साल की बेटी बनी संन्यासी, देवांशी ने कभी टीवी, या फिल्में नहीं देखीं गुजरात के एक धनी हीरा व्यापारी की 8 वर्षीय बेटी ने संन्यासी बनने के लिए आलीशान जिंदगी को त्याग करने का फैसला लिया है। हजारों लोगों की मौजूदगी में आज यानी बुधवार सुबह छह बजे से उनकी दीक्षा शुरू हो चुकी है। देवांशी जैनाचार्य कीर्तियशसूरीश्वर महाराज से दीक्षा ले रही हैं। देवांशी दो बहनों में बड़ी है। खेलने-कूदने की उम्र में देवांशी जैन धर्म ग्रहण कर संन्यासिनी बनने जा रही हैं।

ऊंटों, हाथियों, घोड़ों के साथ एक भव्य जुलूस का आयोजन किया गया

वहीं दीक्षा लेने से एक दिन पहले, शहर में ऊंटों, हाथियों, घोड़ों और बड़ी धूमधाम के साथ एक भव्य जुलूस का आयोजन किया गया था। उसके परिवार ने पहले बेल्जियम में एक समान जुलूस का आयोजन किया था, एक ऐसा देश जो जैन समुदाय के कई हीरा व्यापारियों का घर है। बचपन से ही, देवांशी ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तरह दिन में तीन बार प्रार्थना करते हुए एक साधारण जीवन व्यतीत किया था।

देवांशी ने कभी टीवी, या फिल्में नहीं देखीं

देवांशी ने कभी टीवी, या फिल्में नहीं देखीं और कभी रेस्तरां या विवाह में शामिल नहीं हुईं। उन्होंने अब तक 367 दीक्षा कार्यक्रमों में भाग लिया है। संघवी के एक पारिवारिक मित्र ने कहा। घटना से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने पुष्टि की कि एक विशाल व्यवसाय के मालिक होने के बावजूद, परिवार एक साधारण जीवन जीता है।

देवांशी का परिवार का हीरा का पुराना कारोबार

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देवांशी धनेश सांघवी और उनकी पत्नी अमी की बड़ी बेटी हैं। उनका परिवार संघवी एंड संस नाम की हीरा कंपनी चलाता है, जो दुनिया की सबसे पुरानी हीरा कंपनियों में से एक है। वयस्क होने पर देवांशी को विरासत में करोड़ों का हीरा कारोबार मिलता। लेकिन इसके बजाय, आठ साल की बच्ची देवांशी ने बुधवार को सूरत में विलासिता को त्याग कर संन्यास ग्रहण किया।

Anubhav Shukla

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