
कटनी /संपूर्ण प्रदेश में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा अपने ग्यारह सूत्रीय लंबित मांगों की प्रतिपूर्ति हेतु किये जाने वाले आंदोलनो की कड़ी में गत दिवस कटनी जिले में भी जिला स्तरीय कार्यकरणी द्वारा जिलाध्यक्ष अवधेश दाहिया के कुशल नेतृत्व में डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा को प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम से संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।संघ के नेतृत्वकर्ताओं ने स्पष्ट किये कि अब उन्हें मध्यप्रदेश शासन से आश्वासन रूपी झुनझुना नहीं चाहिए,अब वे आगे इसी फार्मूले पर शासन से आर -पार की लड़ाई लड़कर अपनी न्याय संगत मांगों की अभिपूर्ति कराने का संकल्प दुहराते हुए,जमकर नरेवाजी करके अपने प्रभावी ऊर्जा का इस्तेमाल कर्मचारियों के हित संरक्षण में करने का मन बनाये।एक लंबे समय से अपनी समस्याओं के निराकरण की राह देख रहे, कर्मचारियों के अनुसार उनके सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है, यही कारण है, कि यह संवर्ग अब विभिन्न चरणों में आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर राज्य शासन के सामने एक गंभीर चुनौती बनकर शासन को कुंभकरणी नींद से उसे जगाने का प्रयास कर रहे हैं।मांग पत्र में उल्लेखित मांगों को सिलसिले बार उल्लेख करते हुए,मीडिया प्रभारी कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने बताया कि, कर्मचारियों की उनकी वर्षों पुरानी पेंशन बहाली की मांग के अलावा, ई-अटेंडेंस प्रणाली पर पूर्णतः प्रतिव न्ध,सेवा निवृत्त कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समतुल्य महंगाई राहत और लंबित भत्तों की स्वीकृति,मुख्यमंत्री की घोषणानुसार प्रदेश के कर्मचारियों को केसलेश बीमा योजना का लाभ,नवनियुक्त कर्मचारियों और शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से पूर्ण वेतनमान व वेतन वृद्धि सहित समस्त सुविधाओं का लाभ, अनुसूचित जाति और जनजातीय विभाग में कार्यरत शिक्षकों को तृतीय और चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान का एरियर्स सहित लाभ, लिपिक संवर्ग को मंत्रालयीन कर्मचारियों के समान वेतनभत्तों का लाभ,दैनिक वेतनभोगी, स्थाई और आउट शोर्स कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्त प्रदाय करने,अनुकम्पा नियुक्ति व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सी.पी.सी.टी.की अनिवार्यता समाप्त करने, सेवा निवृत्ति कर्मचारियों का अंतिम भुगतान हेतु पीपीओ जारी की कार्यवाही सेवा निवृत्ति तिथि में ही पूर्ण करने ,1997 से नियुक्त गुरूजी संवर्ग को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की गणना कर लाभ सुनिश्चित कराने सहित पटवारी संवर्ग की वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगतियों को तत्काल दूर करने जैसी मांगे शामिल की गयी हैं।संघ द्वारा सौंपे गये ज्ञापन का हिस्सा बनने हेतु ब्लॉक, तहसील और जिले के महत्वपूर्ण कर्मचारी प्रतिनिधियों की बढ़ चढ़ कर उपस्थिति देखने को मिली।








