
कटनी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय स्लीमनाबाद में प्राचार्या डॉक्टर सरिता पांडे के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉक्टर प्रीति नेगी के सहयोग से शिक्षा के साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा दिया गया। भारत सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम एवं मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चैन डेवलपमेंट के अंतर्गत विभिन्न घटकों में दिए जा रहे अनुदान की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त कर जैविक कृषि उत्पादन का प्रमाणीकरण करवा कर उसके विक्रय से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने की जानकारी दी गई। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत खाद्यान्न की कमी से जूझ रहा था। 1960 के दशक में हरित क्रांति आई और रासायनिक खाद कीटनाशकों तथा उन्नत बीजों के प्रयोग ने जबरदस्त वृद्धि की। लेकिन इसके दुष्परिणाम भी सामने आए मिट्टी की उर्वरता में कमी जल प्रदूषण किसानों की लागत में वृद्धि तथा मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण कोनुकसान हुआ। इसके विकल्प में कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग एवं जैविक खेती अपने की जानकारी दी गई ग्राम में उपलब्ध संसाधनों से जैविक खाद एवं कीटनाशकों को बनाकर फसलों में उपयोग करने का तरीका बताया गया जिससे बाजार पर निर्भरता कम हो।








