तपन निषाद/कटनी- नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर जनसुनवाई आयोजित की गई। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं अपेक्षाओं को जाना। इस दौरान विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नागरिकों ने रखीं अपनी समस्याएं, महापौर ने अधिकारियों से जानी वस्तुस्थिति
जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपने वार्डों की समस्याओं, स्थानीय आवश्यकताओं और नगर निगम से संबंधित विषयों को महापौर के समक्ष प्रस्तुत किया। महापौर श्रीमती सूरी ने नागरिकों की बात गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा नागरिकों को प्रक्रिया एवं कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए।
वार्डों की जरूरतों को समझने और समस्याओं के समाधान का मंच बनी जनसुनवाई
महापौर श्रीमती सूरी ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान की दिशा में कार्य करना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों से स्थानीय समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं में सुधार की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नागरिकों द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों पर गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों एवं शाखा प्रभारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए समस्याओं के निराकरण में आवश्यक समन्वय बनाए रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण की स्थिति के अनुरूप आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नागरिकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से कार्य करने पर जोर दिया।
जनसुनवाई के दौरान नगर निगम की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में महापौर श्रीमती सूरी ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, लंबित प्रकरणों पर लिया फीडबैक नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, अधिकारी करें समयबद्ध निराकरण













