चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान क़े लाभ से वंचित शिक्षक अब आर पार की लड़ाई क़े मूड में डी. ई.ओ.कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठना लाजमी
सूरज साहू कटनी / कटनी जिले में पैं तीस वर्षों की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों एवं सेवा निवृत्त लोक सेवकों को चतुर्थ क्रमोन्नति क़े लाभ से जुड़े एरियर क़े भुगतान में हो रही अव्वल दर्जे की देरी गंभीर चिंता का विषय है। इस जिले में पैंतीस वर्षों की सेवा पूर्ण क़र चुके शिक्षकों की सूची नव दिन चले अढ़ाई कोस तर्ज पर विगत एक वर्ष से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कटनी मेंअभी भीअटकी पड़ी है।
इस सूची को निकलवाने हेतु जिले क़े अनेकों अनेक मान्यता प्राप्त संगठनों द्वारा जिला कलेक्टर से लेकर सी. ई.ओ.जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को ज्ञापन क़े माध्यम से अनुनय- विनय की भाषा में जिले क़े कर्मचारी जगत क़े नेतृत्व कर्ताओं द्वाराअनेकों अनेक बार निवेदन किया जा चुका है।लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा हर बार एक ही बात, एक सप्ताह क़े अंदर सूची जारी करने की समझाइस देकर एक वर्ष से शिक्षकों को आश्वासन रूपी झुनझुना पकड़ा क़र उनका मज़ाक बनाया जाता रहा है ।
विगत दिवस अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ की कटनी इकाई द्वारा भी इस हेतु जिले क़े नवागत जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पाण्डेय से भेंट क़र शिक्षकों को हो रहे आर्थिक नुकसान से अवगत कराते हुये, यथा शीघ्र सूची जारी करने की मांग की गयी थी, जिस पर उन्हें भी वही पुराना रटा रटाया आश्वासन देते हुये जिला शिक्षा अधकारी द्वारा तीन दिन के भीतर पात्र शिक्षकों की सूची जारी करने की बात कहकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया गया। ताजुव की बात है, कि मध्य प्रदेश शासन से आदेश हुये लगभग एक वर्ष का समय गुजर जाने क़े बाद भी, शिक्षकों क़े आर्थिक हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण लाभ से इस जिले क़े शिक्षकों को पता नहीं किस साजिस, या सुविधा शुल्क क़े लालच में उन्हें उनके अधिकार से आज पर्यन्त तक वंचित रखा गया है।
अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ क़े प्रांतीय प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिँह राजपूत ने आरोप लगाते हुये, शंका जाहिर किये हैं, कि कहीं भ्रष्टाचार क़े लिये तो नहीं, इस प्रकरण को जान बूझ क़र इस जिला में उलझाया जा रहा है?उन्होंने जिला प्रशासन प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी करते हुये, स्पष्ट किये हैं, कि चतुर्थ क्रमोन्नति में शामिल पात्र शिक्षकों की सूची तत्काल जारी क़र दीपावली से पूर्व शिक्षकों को उनका एरियर भुगतान सुनिश्चित कराया जावे, अन्यथा अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ अब आर -पार की लड़ाई लड़ क़र चतुर्थ क्रमोन्नत वेतन का लाभ प्राप्त करने हेतु कड़े संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने में अब जरा भी पीछे नहीं हटेगा, निसंदेह संघ द्वारा ऐसा अप्रिय कदम उठाने से जिले क़े लापरवाह अधिकारीयों पर कठोर कार्यवाही भी हो सकती है!
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को उनके वैध अधिकारों से वं चित रखना उनके साथ अन्याय है। शासन क़े द्वारा जारी आदेशों का जिला स्तर पर समय पर पालन न होने से कर्मचारियों का असंतोष बढ़ना स्वभाविक है, इससे सरकार की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।अतः
अब उन्हें आश्वासन नहीं बल्किअधिकारीयों की जवा बदेही तय करने कीओर आगे बढ़कर शिक्षकों को उनका अधिकार दिलाना उनकी मज़बूरी बनती जा रही है ।

