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स्लीमनाबाद में स्पंदना फाइनेंस में कर्मचारियों ने ही किया 12 लाख का गबन—भरोसे पर डाका डालने वाले पांच आरोपी गिरफतार

 

कटनी। स्लीमनाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है, एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारियों ने ही गबन का जाल बुन डाला। स्लीमनाबाद स्थित स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल लिमिटेड में कार्यरत पाँच कर्मचारियों ने महिला समूहों से वसूली गई 12 लाख से अधिक की रकम हड़प ली।
अब स्लीमनाबाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

*जिन पर था जिम्मेदारी का भरोसा, वही बने बेईमानी के आरोपी*
शाखा प्रबंधक राम प्रसाद बर्मन पिता केदार प्रसाद बर्मन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि संस्था में कार्यरत उनके ही पाँच कर्मचारियों ने समूह की महिलाओं से वसूली गई ऋण किस्तों की रकम बैंक में जमा नहीं की, बल्कि अमानत में खयानत कर रकम को निजी उपयोग में ले लिया।
रकम की कुल मात्रा ₹12,09,136 बताई गई है।

*ये हैं वे पाँच कर्मचारी जो बने गबन के गुनहगार*
1. तेजीलाल चौधरी पिता कुवरलाल चौधरी — वार्ड क्रमांक 10, ग्राम अतरिया, तहसील ढीमखेड़ा, जिला कटनी
2. अंकित भुजवा पिता संतोष भुजवा — ग्राम इटमा, जिला सतना
3. सुदीप सिंह पिता सुग्रीव सिंह — ठेकहा, जिला रीवा
4. गजेंद्र हंगार पिता अरुण हंगार — ग्राम विसानी, थाना शाहनगर, जिला पन्ना
5. पुष्पेंद्र पटेल पिता बालगोविंद पटेल — ग्राम इटमा, जिला सतना
ये सभी संस्था में बतौर फील्ड कर्मचारी कार्यरत थे और महिलाओं से ऋण की किश्त वसूली कर बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
लेकिन इन सबने भरोसे की चादर ओढ़कर धोखाधड़ी की साजिश रची और रकम हड़प ली।

*पुलिस ने की कार्रवाई, जेल भेजे गए आरोपी*
शिकायत पर थाना स्लीमनाबाद में अपराध क्रमांक 583/25 धारा 318(4), 316(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए सभी आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें माननीय न्यायालय कटनी में पेश किया गया, जहाँ से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल कटनी भेज दिया गया।

*जांच में जुटी स्लीमनाबाद पुलिस की टीम ने पेश की मिसाल*
इस मामले की विवेचना में उप निरीक्षक किशोर द्विवेदी, उप निरीक्षक अनिल यादव, सहायक उप निरीक्षक जुबेर अली, प्रधान आरक्षक तेजप्रकाश, प्रधान आरक्षक यूसुफ अली, आरक्षक अभिषेक राजावत, सौरभ पटेल, रोहित पाटकर, आशीष, अजय साकेत और साइबर सेल के आरक्षक अमित श्रीपाल की अहम भूमिका रही।
टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए आरोपियों के ठिकाने का पता लगाया और उन्हें दबोच लिया।

*गरीब महिलाओं की मेहनत पर डाका — क्षेत्र में आक्रोश*
आरोपियों की इस हरकत से क्षेत्र में गुस्सा है। जो महिलाएँ रोज़ की मेहनत से छोटी-छोटी किश्तें जमा करती थीं, उनके पैसों पर उन्हीं के भरोसेमंद कर्मचारियों ने हाथ साफ़ कर दिया। लोगों का कहना है कि “अगर संस्था के कर्मचारी ही बेईमान हो जाएँ तो आम जनता किस पर भरोसा करे?”

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