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“विक्रम” से संपर्क के लिए चन्द्र देवता से गुहार, किया पूजा पाठ और अभिषेक

तमिलनाडु। चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क स्थापित करने के लिए जब इसरो द्वारा तमाम कोशिशें की जा रही थीं, तो तमिलनाडु के तंजावुर के नजदीक चंद्रमा देवता के एक मंदिर में विशेष पूजा की गई थी। भक्तों ने चंद्र देव से गुहार लगाई कि वो अपनी कृपा करें ताकि मिशन से टूटा हुआ संपर्क दोबारा स्थापित किया जा सके।

मंदिर के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया, चंद्र देव की पूजा में शहद और चंदन सहित कई वस्तुओं के साथ उनका अभिषेक किया गया और उसके बाद एक सामुदायिक दावत (अन्नधनम) का आयोजन किया गया।

यहां स्थित थिंगालुर में भगवान शिव के मंदिर श्री कैलासनाथर में भगवान चंद्र का छोटा मंदिर है। यह नौ ग्रहों को समर्पित नौ “नवग्रह” मंदिरों में से एक है।

मंदिर प्रबंधक ने पीटीआई को बताया, “लैंडर के साथ संचार बंद हो जाने के बाद, हमने चंद्र देव के हस्तक्षेप के लिए विशेष प्रार्थना करने का फैसला किया और सोमवार को यह पूजा की गई।

उन्होंने कहा कि बहुत सारे भक्तों ने प्रार्थना में भाग लिया और पूजा की ताकि लैंडर के साथ संपर्क स्थापित किया जा सके और ऑर्बिटर ने उपयोगी जानकारी प्रदान की।

उन्होंने कहा कि एक दशक पहले चंद्रयान-1 मिशन से पहले यज्ञ किए गए थे और विक्रम लैंडर की हालिया असफल लैंडिंग से पहले भी इसका आयोजन हुआ था।

एक भक्त एस राजा ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन ने आम लोगों की कल्पना से जुड़ गया है और यह पूजा अंतरिक्ष एजेंसी के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने का उनका तरीका था।

उन्होंने कहा, “चंद्रमा ने हमेशा इंसानों को उत्साहित किया है। हमने प्रार्थना की है कि लैंडर वापस से काम करने लगे और हमें चंद्रमा के कुछ अज्ञात पहलुओं के बारे में पता चले।”

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