राम जन्मभूमि ट्रस्ट: भ्रष्टाचार के आरोपों को महासचिव चंपत राय ने किया खारिज, कहा- राजनीति से प्रेरित हैं आरोप

Ram Janmabhoomi Trust: General Secretary Champat Rai dismissed the allegations of corruption, saying – the allegations are politically motivated

Ram Janmabhoomi Trust: General Secretary Champat Rai dismissed the allegations of corruption, saying – the allegations are politically motivated

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर के लिए जमीन खरीदने में भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगा है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडेय ने आरोप लगाया है। हालांकि भ्रष्टाचार के आरोप पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। चंपत राय ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया । उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार कर रहे हैं वह भ्रामक है और समाज को गुमराह करने के लिए है। ये सारे ही आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। चंपत राय ने एक प्रेस रिलीज भी जारी की ।


राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि 9 नवंबर, 2019 को श्री राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद अयोध्या में जमीन खरीदने की मांग बढ़ने लगी। देश के कई लोग जमीन खरीदने के लिए आने लगे। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के विकास के लिए जमीन खरीद रही है, इस कारण अयोध्या में जमीनों के दाम बढ़ गए। चंपत राय ने कहा कि वर्तमान विक्रेताओं ने सालों पहले जिस कीमत पर जमीन बेचने का समझौता किया था। उसी जमीन को ट्रस्ट ने मार्च 2021 में अपने नाम कराया है। इसके बाद ही ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट किया। आरोप लगाने का तो कई मतलब ही नहीं बनता।

संजय सिंह ने सीबीआई जांच की मांग की
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है। सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी। यह सीधे-सीधे मनी लॉड्रिंग का मामला है ।आम आदमी पार्टी सरकार से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग करती है।

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