राष्ट्रीयहाेम

Covid-19: कोरोना से मरने वालों के परिजनों को नहीं दे सकते चार-चार लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का जवाब

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा नहीं दे सकती है।

Advertisements

देश में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह राशि दिए जाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा नहीं दे सकती है।

केंद्र ने कहा कि कोविड-19 के पीड़ितों को 4 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है क्योंकि आपदा प्रबंधन कानून में केवल भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं पर ही मुआवजे का प्रावधान है। सरकार ने आगे कहा कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजे की राशि दी जाए और दूसरी पर नहीं तो यह पूरी तरह से गलत होगा।

यह भी पढ़ें-  MP Board 12th Exam Result 2021: मप्र बोर्ड 12वीं का परीक्षा परिणाम 29 जुलाई को होगा घोषित

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर कोरोना से जान गंवाने वाले सभी लोगों को चार-चार लाख की अनुग्रह राशि दी जाती है, तो फिर एसडीआरएफ का पूरा पैसा सिर्फ एक चीज पर खर्च हो जाएगा और इससे महामारी के खिलाफ लड़ाई में उपयोग होने वाली राशि प्रभावित होगी।

केंद्र ने कहा कि अगर राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) को कोरोना पीड़ितों को मुआवजा देने में खर्च किया जाता है तो इससे राज्यों की कोरोना के खिलाफ लड़ाई प्रभावित होगी और अन्य चिकित्सा आपूर्ति और आपदाओं की देखभाल के लिए पर्याप्त धन नहीं बचेगा। इसलिए कोरोना से मरे व्यक्तियों को अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए याचिकाकर्ता की प्रार्थना राज्य सरकारों की वित्तीय सामर्थ्य से परे है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस की वजह से महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक करीब चार लाख लोगों की जानें जा चुकी हैं।

क्या है मामला?
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्र और राज्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवार को चार लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सोमवार को सुनवाई करेगा

 

Show More
Back to top button