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17 अगस्त के बाद हो सकता है मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार, शाह के शामिल होने की चर्चा

नई दिल्ली: भाजपा गलियारों में तेज़ी से चल रही चर्चा अगर सच है तो 17 अगस्त के आसपास प्रधानमंत्री मोदी अपनी कैबिनेट में एक बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो मोदी अपने सबसे विश्वस्त सहयोगी अमित शाह को देश का अगला रक्षा मंत्री बना सकते हैं। अमित शाह गुजरात से राज्यसभा में एंट्री ले रहे हैं, जानने वाले तो यह भी दावा कर रहे हैं कि अब राज्यसभा में भाजपा की कमान भी शाह के हाथों में आ सकती है और वह अरुण जेतली की जगह नेता सदन बनाए जा सकते हैं। भले ही ऊपरी सदन में भाजपा अब भी अल्पमत में हो, पर शाह के नए सियासी तेवर सदन में भाजपा की मंशाओं को एक नई धार दे सकते हैं। माना जा रहा है कि शाह को सामने लाकर मोदी काम के बोझ से दबे जेतली को भी थोड़ा आराम देना चाहते हैं। सदन की कार्रवाइयों से फारिग होकर जेतली अपने अहम वित्त मंत्रालय के कामकाज पर भी और ध्यान दे सकते हैं
समझा जाता है कि अब बहुत हद तक यह कमी शाह पूरी कर सकते हैं, अगर एक बार वह कैबिनेट की जिम्मेदारी संभालते हैं तो दोनों ही सदनों में उनका आना-जाना लगा रहेगा, इस वजह से वह दोनों ही सदनों में भाजपा सदस्यों पर अपनी पैनी नजर रख पाएंगे। पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े सूत्र इसे मात्र अटकलें करार दे रहे हैं, इनका कहना है शाह मंत्री बनने के बजाय गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के आसन्न विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते अपनी व्यूह रचना को अंतिम रूप देने में सक्रिय रहेंगे। अगर वह कैबिनेट मंत्री बन जाते हैं तो उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद छोडऩा पड़ सकता है, चूंकि वर्ष 2019 के आम चुनावों में अभी मात्र 2 वर्षों का ही समय बचा है। चुनांचे स्वयं मोदी शाह को लेकर इतना बड़ा रिस्क नहीं लेना चाहेंगे। 
राम, मुरली व भूपेन्द्र को ईनाम
नार्थ ईस्ट में भाजपा की बम्पर जीत के 3 नायकों का ईनाम बनता है, ये तीनों भगवा नेता हैं- राम माधव, मुरलीधर राव और भूपेंद्र यादव। 11 अगस्त को संसद का मानसून सत्र खत्म हो रहा है, उम्मीद जताई जा रही है कि इसके अगले हफ्ते यानी 17 अगस्त के आसपास मोदी मंत्रिमंडल के चेहरे-मोहरे में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। फिलवक्त कई बड़े मंत्रालय खाली पड़े हैं और उन्हें सीनियर मंत्री अतिरिक्त प्रभार के तौर पर चला रहे हैं। 

खबर है कि स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को हिमाचल भेजा जा सकता है, जहां वह भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे होंगे। आंध्र के ईस्ट गोदावरी के अमालापुरम से आने वाले राम माधव ने हालिया दिनों में मोदी-शाह के कई ‘डैमेज कंट्रोल’ प्रोग्राम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, सो मुमकिन है कि उन्हें अनिल माधव दवे के निधन से रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर लाया जा सकता है। इस सीट का टर्म 2022 तक है। मुरलीधर राव को वेंकैया नायडू द्वारा रिक्त की जा रही राज्यसभा सीट से लाया जा सकता है, यह सीट राजस्थान से है। यानी भाजपा में आने वाले दिन पुरस्कार वितरण के हैं, मुमकिन है कि कुछ असफल योद्धाओं पर पार्टी की गाज भी गिरे।

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