गुजरात में हाई वोल्टेज राजनितिक ड्रामा,3 बार EC पहुंची कांग्रेस भाजपा

गांधीनगर.   गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों पर हुई वोटिंग का विवाद मंगलवार को चुनाव आयोग पहुंच गया। कांग्रेस ने आयोग से शिकायत की कि उसके दो विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया और अपने वोट पब्लिकली दिखा दिए। इसलिए उनके वोट रद्द कर दिए जाएं। कांग्रेस की इस शिकायत का विरोध करने के लिए बीजेपी के नेता भी आयोग पहुंच गए। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि हमने गुजारिश की थी कि कांग्रेस, बीजेपी और निर्वाचन अधिकारी को मिलकर वह वीडियो देखना चाहिए, जिसमें दो विधायक अपने वोट खुलकर दिखा रहे हैं। लेकिन बीजेपी ने हमारी मांग का विरोध कर दिया। बता दें कि गुजरात में नजरें अहमद पटेल के इलेक्शन को लेकर है। सस्पेंस इस बात पर है कि मौजूदा समीकरण के चलते सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे या नहीं?  चुनाव आयोग क्यों पहुंचा मामला…? 
 
– कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि शंकर सिंह वाघेला गुट के दो विधायक राघवजी पटेल और भोलाभाई गोहिल ने अपना वोट डालते वक्त उन्हें बीजेपी एजेंट को दिखाए। इस पर कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने आपत्ति जताई और वोट कैंसिल करने की मांग की। ऐसा दावा किया जा रहा है कि ये वही दो विधायक हैं जिन्होंने बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की।
– इस वजह से वोटों की गिनती शुरू होने के बाद रुक गई। बाद में राज्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस की मांग को खारिज कर दिया। 
– न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने इलेक्शन कमीशन से एप्रोच किया और दोनों कांग्रेस एमएलए के वोट रद्द करने की मांग की। बाद में सुरजेवाला ने मीडिया से कहा- अमित शाह की मौजूदगी में यह हो रहा है। 
-आरपीएन सिंह ने कहा इस चुनाव को रोका जाए और वीडियो फुटेज को देखा जाए। हम इलेक्शन कमीशन से प्रजातंत्र को बचाने की अपील करते हैं। अब देखना है कि वह क्या फैसला लेते हैं? आनंद शर्मा ने कहा- शंकर सिंह वाघेला के सपोर्टर दो विधायक के वोट रद्द किए जाएं। 
 
एक घंटे में दो बार ईसी गए कांग्रेसी नेता 
– कांग्रेस के नेता दो घंटे में दो बार अपनी दलील रखने के लिए ईसी ऑफिस पहुंचे। 
– पी चिदंबरम ने कहा- “हमने इलेक्शन कमीशन से मुलाकात की। इलेक्शन कमीशन को ये वीडियो देखना चाहिए। दो कांग्रेस विधायकों ने अपने कैंडिडेट को वोट दिया। इस मामले में हरियाणा का उदाहरण सामने है। रिटर्निंग ऑफिसर सिर्फ एक सामान्य अफसर होता है। इस मामले को चुनाव आयोग के टॉप लेवल पर देखा जाना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि दो विधायकों के वोट रद्द किए जाएं। बीजेपी गलत प्रचार कर रही है। पहले दो विधायकों के वोट रिजेक्ट किए जाएं इसके बाद गिनती शुरू की जाए।”
– “ईसी को ये वैलेट पेपर्स रिजेक्ट करना चाहिए, क्योंकि उसने जून 2016 में हरियाणा में ऐसा किया था।” 
 
बीजेपी भी ईसी पहुंची 
– विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी भी  इलेक्शन कमीशन के पास पहुंची। बीजेपी के डेलिगेशन में मंत्री अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, एमए नकवी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान शामिल थे। 
– रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस जिन दो वोट पर आपत्ति जता रही है, वे सुबह पड़े थे। उस वक्त आपत्ति नहीं जताई गई। बाद में जब लगा कि हारने लगे हैं तब इलेक्शन कमीशन पहुंच गई। 
– प्रसाद ने कहा कि ये कांग्रेस की हताशा है। उन्होंने इलेक्शन कमीशन से फौरन काउंटिंग शुरू करने की अपील की है। 
 
क्या हैं समीकरण
– गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों से बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए बलवंत सिंह राजपूत उम्मीदवार हैं। कांग्रेस से सोनिया गांधी के एडवाइजर अहमद पटेल कैंडिडेट हैं। 
– कांग्रेस के गुजरात में 57 विधायक थे। 6 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ दी थी। जोड़तोड़ से बचाने के लिए कांग्रेस अपने 51 में से 44 विधायकों को बेंगलुरु ले गई थी। 7 विधायक बेंगलुरु नहीं गए।
– कांग्रेस के 44 विधायक सोमवार को गुजरात लौट आए। मंगलवार सुबह वोटिंग शुरू हुई। लेकिन बताया जा रहा है कि 7 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। एनसीपी के भी एक विधायक ने पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर बीजेपी को सपोर्ट कर दिया। 
– अहमद पटेल को चुनाव जीतने के लिए 45 वोट चाहिए। ऐसे में उनके इलेक्शन पर सस्पेंस है।
– बीजेपी के पास 121 वोट हैं। अमित शाह और स्मृति ईरानी का 45-45 वोट के साथ जीतना तय है। मगर, तीसरे कैंडिडेट राजपूत के पास सिर्फ 31 वोट रह जाते हैं। उन्हें जीतने के लिए 14 वोट और चाहिए। अगर कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का असर पड़ा तो राजपूत की राह आसान और पटेल की राह मुश्किल रहेगी।

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