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ट्रैक पर चल रहा था मरम्मत का काम इसलिए हुआ हादसा

लखनऊ। मुजफ्फरनगर के खतौली में कल उत्कल एक्सप्रेस के डिब्बों के पटरी से उतरने के बाद 30 लोगों की मौत बड़े सवाल खड़ा कर रही है। अब लोगों के जेहन में सवाल उठ रहे हैं कि इस भीषण हादसे की आखिर वजह क्या रही।
इस बीच शनिवार को हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन पर रेलवे ने मान लिया है कि ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था। मीडिया से बात करते हुए ट्रैफिक रेलवे बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने बताया कि इस हादसे के बाद हमने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह एक बेहद दुखद हादसा है। हादसे में करीब 20 लोग मारे गए हैं और 92 लोग घायल हुए हैं। जमशेद ने बताया कि रेलवे ने माना है कि ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था। 
इसके अलावा जमशेद ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोषी पाए गए लोगों पर इसी दिशा में मुकदमा चलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि आज रात 8 बजे तक सभी दुर्घटनाग्रस्त कोचों को हटा लिया जाएगा। इसके बाद पटरियों की मरम्मत का काम शुरू होगा। आज रात 10 बजे तक रूट पर ट्रेनों का संचालन संभव होगा।
आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू – 
खतौली में हादसे के समय मौजूद लोगों का कहना है कि ट्रैक पर काम चल रहा था। इसी दौरान ट्रेन आने से पहले मरम्मत का काम करने वाले ट्रैक से हट गए। खतौली के स्टेशन के सुपरिटेंडेंट राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमको किसी ट्रैक रिपेयर की जानकारी नहीं थी। अगर कोई रिपेयर का काम होगा तो वो इंजीनियरिंग विभाग को पता होगा, हमको जानकारी नहीं थी। हमारी ओर से कोई गलती नहीं हुई, हमारी तरफ से कोई भी सिग्नल गलत नहीं दिया गया था।
इसके उलट मुजफ्फरनगर के ही इंजीनियरिंग विभाग का कहना है कि ट्रैक पर निश्चित रूप से काम चल रहा था। हमने स्टेशन को बताया गया था कि ट्रैक असुरक्षित है। जॉइंट की प्लेट क्रैक थी। उसको ठीक करने के लिए 20 मिनट का ब्लॉक मांगा गया था।
इसका मतलब कि 20 मिनट तक कोई ट्रेन वहां से ना गुजरे, हमने यह मांग की थी। मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि ट्रैक पर काम चल रहा था, लेकिन पड़ताल के बाद ही सारी बात सामने आएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कम नहीं हुई ट्रेन की स्पीड – 
हादसे में खतौली में कल जिन लोगों के घर को नुकसान पहुंचा है उनमें से एक जगत राम ने बताया की रेल ट्रैक पर पिछले दो दिन से काम चल रहा था। लोगों को इस बात की आशंका भी है कि उत्कल एक्सप्रेस के ड्राइवर को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। जगत राम ने बताया कि उत्कल एक्सप्रेस से कुछ ही देर पहले दो ट्रेन इस ट्रैक से होकर गुजरी थी। जिसकी स्पीड काफी कम थी। उन्होंने बताया कि जब उत्कल एक्सप्रेस यहां से गुजरी तब ट्रेन की स्पीड कम नहीं हुई।
हरिद्वार से पुरी के बीच चलने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कल शाम मुजफ्फरनगर के खतौली के पास हुए इस हादसे में ट्रेन की 14 बोगियां पटरी से उतर गई। जिसके कारण 30 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 150 के अधिक घायल हैं। इस हादसे के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है।
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