58 साल बाद बना असाधारण संयोग, शनि का रहेगा खास प्रभाव

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धर्म डेस्क। इस साल गणेश चतुर्थी पर बप्पा 10 नहीं बल्कि 11 दिन तक हर घर में विराजेंगे। वहीं इस शुभ दिन पर 58 वर्ष उपरांत असाधारण संयोग भी बनेगा। इस साल 2017 में शनि की मार्गीय में गणेश जी विराजेंगे। यह शुभ घड़ी इससे पूर्व 1959 में बनी थी। जो इस पर्व को अत्यधिक महत्वपूर्ण बनाएगा। शनि का खास प्रभाव भी 12 राशियों पर पड़ेगा। इस दिन से शनि सीधी चाल चलना आरंभ करेंगे। जिससे उनका प्रकोप कम होगा। शनि वृश्चिक में 141 दिन तक वक्रीय होने के उपरांत 25 अगस्त से मार्गीय होंगे। 

गणेश जी शनि के मित्र होने के साथ-साथ, उनके गुरू भगवान शिव के पुत्र भी हैं। गणेश जी के भक्तों पर शनिदेव सदा अपनी अनुकंपा बनाए रखते हैं। जो श्रद्धालु गणपति को अपने घर लाकर उनका पूजन करेंगे, उन पर सारा साल प्रथम पूज्य और कर्म फलदाता की कृपा बनी रहेगी। इस दिन हस्त नक्षत्र में अमृत योग, रवि योग, शुभ योग एवं सूर्य, बुध दिव्य योग में गणपति स्थापना की जाएगी। हस्त नक्षत्र में रवि योग, गज केसरी योग बनने से श्रद्धालुओं को विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 

शनिदेव 25 अगस्त को संध्या समय 5 बजकर 19 मिनट पर वृश्चिक राशि में मार्गी होंगे। इस दौरान गणेश उत्सव का भी आरंभ होगा। जो लगभग सभी राशियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करेगा। इस दिन शनि पूजन करने वाला उनका प्रिय बन जाएगा। अपनी राशि में शनि के शुभ प्रभाव चाहते हैं तो गणेश स्तोत्र और शनि स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।

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