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BJP विधायक ने कहा था- कोरोना तो खत्म हो गया; संक्रमण ने उनकी जान ले ली, 24 घंटे तक ICU भी नहीं मिला था

कोरोना को लेकर लापरवाही या इसे हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है। यह सबक UP के बरेली में नवाबगंज विधानसभा सीट से BJP विधायक रहे केसर सिंह गंगवार की मौत के मामले से लिया जा सकता है।

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नवाबगंज। कोरोना को लेकर लापरवाही या इसे हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है। यह सबक UP के बरेली में नवाबगंज विधानसभा सीट से BJP विधायक रहे केसर सिंह गंगवार की मौत के मामले से लिया जा सकता है। केसर सिंह की कोरोना संक्रमण की वजह से 28 अप्रैल को मौत हो गई। उनकी मौत के बाद एक न्यूज चैनल का वीडियो सामने आया है। वीडियो उस वक्त है जब केसर सिंह विधानसभा पहुंचे थे। रिपोर्टर ने विधायक से पूछा कि कोरोना काल है और आपने मास्क भी नहीं लगा रखा है? जवाब में विधायक ने कहा था कि मास्क… अब कोविड खत्म हो गया है। अब कोविड कहां रखा है?…ऐसा कहकर वे मोबाइल पर बात करते हुए आगे निकल गए।

24 घंटे नहीं मिला था ICU
केसर सिंह गंगवार की हालत अचानक बिगड़ने पर 10 अप्रैल को उन्हें बरेली के राम मूर्ति मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। जहां उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। परिजन का आरोप है कि केसर सिंह को 24 घंटे तक एक ICU बेड नहीं मिल पाया था। इसलिए उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान 2 दिन पहले केसर सिंह ने दम तोड़ दिया।

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विधायक के बेटे विशाल गंगवार ने भी योगी सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि UP सरकार अपने ही विधायक का इलाज नहीं करा पा रही है। विशाल ने कहा था कि मुख्यमंत्री ऑफिस में बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई फोन नहीं उठा रहा है।

विधायक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भी चिट्ठी लिखी थी
संक्रमित होने के बाद केसर सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को 18 अप्रैल को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें लिखा था कि बरेली के श्रीराम मूर्ति स्मारक अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर्स ने गहन चिकित्सा और प्लाज्मा थेरेपी की सलाह दी है। ऐसे में उन्हें तुरंत दिल्ली के मैक्स अस्पताल में एक बेड दिलवा दें, लेकिन फिर भी विधायक को मैक्स अस्पताल में जगह नहीं मिली। मजबूरन उन्हें यथार्थ अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। यह चिट्ठी विधायक ने 18 अप्रैल को लिखी थी।

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