विदेश

आज से नहीं मिलेगा मैकडॉनल्ड्स का बर्गर, जानें क्‍यों

नई दिल्लीः अब आपको अपना पसंदीदा आलू टिक्की बर्गर खाने के लिए नहीं मिलेगा। मैकडॉनल्ड्स ने बयान जारी किया है कि सी.पी.आर.एल. को जो नोटिस पीरियड दिया गया था वो आज खत्म हो गया है। साथ ही सी.पी.आर.एल. को अब संपत्ति इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।
 देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में मैकडोनाल्ड के नाम से रेस्त्रां चलाने वाली कंपनी ने अपने 169 आउटलेट्स को बंद करने जा रही है। इसका कारण यह है कि मैकडोनाल्ड ने इन आउटलेट्स को संचालित करने वाली विक्रम बख्शी की कंपनी कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (सी.पी.आर.एल.) के साथ फ्रेंचाइजी करार को खत्म कर दिया है। इससे करीब 7 हजार कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ेगा।
कल था टर्मिनेशन नोटिस का आखिरी दिन
जानकारी के मुताबिक कंपनी ने ई-मेल भेजकर कहा है कि 21 अगस्त को कंपनी की तरफ से सी.पी.आर.एल. को जारी किया गया टर्मिनेशन नोटिस 5 तारीख को खत्म हो गया है। इस हिसाब से सी.पी.आर.एल. अब मैकडोनाल्ड का लोगो, ट्रेडमार्क, डिजाइन, ब्रांडिंग और ऑपरेशन नहीं कर सकता है। इन आउटलेट्स के बंद हो जाने के बाद लोगों को उनकी पसंद का बर्गर और फ्रेंच फ्राइस खाने को नहीं मिल पाएंगी। इसके अलावा मैकडॉनल्ड्स का महाराजा बर्गर भी काफी पसंद किया जाता है। मैकडॉनल्ड्स ने बयान जारी किया है कि सी.पी.आर.एल. को जो नोटिस पीरियड दिया गया था वो आज खत्म हो गया है। साथ ही सी.पी.आर.एल. को अब संपत्ति इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले मैकडॉनल्ड्स ने कहा था कि विक्रम बख्शी के साथ चल रहे विवाद को सुलझाना संभव नहीं है।
क्या है मामला
अमरीका की दिग्गज कंपनी मैकडॉनल्ड्स और कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स (सी.पी.आर.एल.) के बीच काफी समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। अगस्त 2013 में सी.पी.आर.एल. के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से विक्रम बख्शी को हटाने के बाद से ही बख्शी और मैकडॉनल्ड्स के बीच लड़ाई जारी है। बख्शी ने इस विवाद को कोर्ट में चुनौती दी है।

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