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Corona: कोरोना हुआ डाउन लेकिन डेंगू ने पकड़ी रफ्तार

Corona: कोरोना हुआ डाउन लेकिन डेंगू ने पकड़ी रफ्तार

चंडीगढ़। शहर में कोरोना संक्रमण दर घटने से प्रशासन के साथ जनता ने भी राहत की सांस ली है। इस बीच डेंगू के बढ़ते मरीजों ने एक बार फिर स्थिति गंभीर करनी शुरू कर दी है। आलम यह है कि एक ओर जहां कोरोना की संक्रमण दर शून्य पर पहुंच गई है वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या देखते ही देखते 139 पर पहुंच गई है। प्रशासन लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। इसके बावजूद डेंगू के मरीजों पर काबू नहीं मिल रहा। स्वास्थ्य विभाग अलग से डेंगू वार्ड बनाने की योजना बना रहा है। फिलहाल मरीजों को इमरजेंसी में ही भर्ती किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना की ही तरह डेंगू में भी मरीज को बुखाna र आता है। ऐसे में लोग लक्षणों को लेकर अब भी भ्रम की स्थिति में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार होने पर उसे कोरोना समझकर खुद को आइसोलेट करने की बजाय डेंगू की जांच अवश्य कराएं। प्रशासन ने पीजीआई समेत, जीएमसीएच 32, जीएमएसएच 16 व सभी सिविल अस्पतालों में डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है।

कोरोना और डेंगू में ये है अंतर
डेंगू के बुखार में उल्टी, सूजन, रैशेज होते हैं। अगर डेंगू ने गंभीर रूप ले लिया हो तो इसमें बार-बार उल्टी आना, सांस तेज चलना, पेट में दर्द रहना, मसूड़ों से खून निकलना, कमजोरी, उल्टी में खून निकलना आदि भी शामिल हैं जबकि कोरोना संक्रमित को उल्टी की जगह दस्त लगते हैं। इस संक्रमण की शुरुआत में बुखार, बलगम वाली खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां आती हैं। हालांकि, समय के साथ-साथ इसमें अन्य लक्षण भी शामिल कर दिए गए हैं। इसमें स्वाद का पता न चलना, सुगंध न आना, स्किन पर रैशेज आदि शामिल हैं। कोरोना के कुछ ऐसे मामले में भी सामने आए हैं जिसमें रोगी में काफी लंबे समय तक कोई लक्षण ही सामने नहीं आते हैं।
डेंगू के मरीज के खान-पान पर रखें ध्यान
– डेंगू के मरीज को सादा पानी, नींबू पानी, दूध, लस्सी, छाछ और नारियल पानी देना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
– ध्यान रखें कि मरीज के शरीर में हर दिन 4 से 5 लीटर लिक्विड जरूर जाना चाहिए।
– हर एक से 2 घंटे में कुछ न कुछ खाने-पीने के लिए देते रहें।
– मरीज के यूरीन की स्थिति पर ध्यान दें। यदि मरीज हर 3 से 4 घंटे में एक बार पेशाब जा रहा है तो मतलब खतरे की बात नहीं है।
– यदि पेशाब की मात्रा या फ्रीक्वेंसी कम है तो बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लें।
कोरोना के मरीजों की संख्या
दिन संक्रमित मरीज संक्रमण दर
20 सितंबर 4 0.82 प्रतिशत
19 सितंबर 5 1.97 प्रतिशत
18 सितंबर 11 1.69 प्रतिशत
17 सितंबर 7 1.05 प्रतिशत
16 सितंबर 21 2.45 प्रतिशत
15 सितंबर 8 0.88 प्रतिशत
14 सितंबर 14 1.38 प्रतिशत
कोट-
कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगवाने की अपील की जा रही है। वहीं डेंगू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। मलेरिया विभाग लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है।
यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव

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