नया फरमान बिजली मीटर की फोटो खींच कर लाओ

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कटनी। मीटर रीडरों को अब एक नया फरमान सुना दिया गया है। शहर के सभी मीटर रीडर अब आपके घर में लगे बिजली मीटर की फोटो खींच कर लाएंगे फिर इस फोटो को कार्यालय के कम्प्यूटर में लोड कराएंगे और इसी फोटो को देखकर कार्यालय कर्मी आपके घर की रीडिंग नोट करेंगे। फोटो सही आई तो ठीक वरना गलत रीडिंग के बिल के लिये तैयार रहें। अब पूर्व क्षेत्र विद्वुत वितरण कम्पनी का यह फरमान सिर्फ कटनी तक सीमित है या सरकार के ऐसे कोई दिशा निर्देश हैं यह तो पता नहीं, लेकिन मीटर रीडर फोटो के इस फरमान से काफी परेशान हैं, क्योंकि अधिकांश मीटर रीडरों के पास इतने अच्छे मोबाइल नहीं जिसमे साफ़ सुथरी फोटो आ सके। इधर गत दिनों जब मीटर रीडर अपनी इस समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिले तो उन्हें टका सा जवाब मिला कि जो फोटो नहीं ला सकता वो काम छोड़ सकता है। दरअसल रीडिंग के इस अनोखे तरीके को लेकर मीटर रीडरों में ही कई शंकाएं व्यक्त की हैं। मसलन रीडिंग की फोटो ठीक उस वक्त ही क्लिक होनी चाहिये जब मीटर पर रीडिंग अंकित हो रही हो। फिर घर के बाहर लगे कई उपभोक्ताओं के मीटर बारिश पानी में इस हालत में पहुंच चुके हैं कि़ उनके अंक ठीक से नजर तक नहीं आते और ऐसे में फोटो कैसे आएगी समझ से परे है।
घर की फोटो खींचते ही बिफरते हैं उपभोक्ता
मीटर रीडरों ने एक और समस्या बताई। इनका कहना है कि़ कुछ मीटर रीडर जब बिजली उपभोक्ता के मुख्य दरवाजे से लगे मीटर की फोटो खींच रहे थे तब कुछ उपभोक्ता बिफर पड़े और झगड़े पर उतारू हो गए। दरअसल मंडल की ओर से यह सार्वजनिक नहीं किया गया कि रीडिंग फोटो से होगी ऐसे में प्राइवेसी के चलते उपभोक्ता फोटो खिंचवाने के लिए तैयार नहीं होते।
मोबाइल से शहरभर में न फैल जाएं घर की फोटो 
फोटो वाली रीडिंग को लेकर कटनी शहर में चर्चा आम है कि सोशल मीडिया के इस दौर में अब फोटो वाली रीडिंग से लगभग हर घर के मुख्य द्वार की भी फोटो एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल होती हुई शहर में के हर मोबाइल पर पहुंच जाएंगी। फिर लोगों के लिये चर्चा का विषय रहेगा कि फलां के घर की यह फोटो है। डर इस बात का भी कि यही फोटो अगर अनैतिक गतिविधियों या चोरों के पास तक पहुंच गई तो वह अपनी व्यवस्था बनाने में जुट सकते हैं।
अब तक मंडल ने सार्वजनिक नहीं किया 
ख़ास बात यह है कि मीटर रीडिंग में फोटो को लेकर मंडल के द्वारा अभी तक कोई जानकारी उपभोक्ताओं को सार्वजनिक नहीं की गई जिससे भ्रम की स्थिती है। मीटर रीडिंग के वक्त मीटर की फोटो ली जायेगी इसे पहले प्रचारित किया जाना था साथ ही यह भी तय किया जाना चाहिये कि रीडिंग की फोटो में सिर्फ  मीटर के उसी हिस्से की फोटो ली जानी चाहिये जहां रीडिंग अंकित हो।
सस्ते मोबाइल से नहीं आ रहीं फोटो, मेमोरी हो जाती फुल
मीटर रीडरों ने बताया कि सस्ते मोबाइल से साफ़  फोटो नहीं आ रहीं इसके लिये मंहगा मोबाइल लेना जरूरी है। महीनों से मीटर रीडरों की सैलरी नहीं मिल रही ऐसे में वह महंगे मोबाइल कहां से खरीदें? एक और समस्या भी सामने आ रही है कि कुछ फोटो लेने के बाद मोबाइल की मेमोरी फुल बता रही है। फिर उस दिन का काम चाह कर भी मीटर रीडर नहीं कर पा रहा। मीटर रीडरों ने यह भी बताया कि अनुबंध के आधार पर वह काम कर रहे हैं और अनुबंध में कहीं भी इसका उल्लेख नहीं कि रीडिंग की फोटो लेनी जरूरी है। रीडरों ने आरोप लगाया कि़ मीटर रीडरों को परेशान करने के उद्देश्य से मंडल के अधिकारी रोज नए फरमान जारी कर रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
उधर फोटो रीडिंग के मामले में कटनी अधीक्षण यंत्री पी के मिश्रा ने कहा कि यह सकरात्मक पहल है। उपभोक्ताओं को सही रीडिंग के मुताबिक बिल मिल पायेगा। अक्सर गलत रीडिंग की शिकायतें आतीं थी जो समाप्त होंगी। अधीक्षय यंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि प्रायोगिक तौर पर यह शहर के कुछ हिस्सों में इसे लागू किया गया था जिसके अच्छे परिणाम आये थे लिहाजा इसे शहर में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आज ही मंडल की ओर से इसकी सूचना भी सार्वजनिक की जा रही है। ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह का भ्रम न रहे। 

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