पीएम मोदी ने की गुजरात के सिख प्रतिनिधि मंडल से मन की बात , जाने इसका क्या होगा किसान आंदोलन पर असर !

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के दौरे पर पहुंचे तो यहां उन्होंने तमाम प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की। इन प्रतिनिधिमंडलों में सिख समुदाय के सदस्यों ने भी पीएम मोदी से बातचीत की। इस दौरान सभी ने किसान आंदोलन पर भी चर्चा की। पीएम के सिख प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करने को दिल्ली में आंदोलनरत सिख समुदाय के लोगों को एक संदेश देने की कोशिश के रूप देखा जा रहा है। चूंकि दिल्ली में आंदोलन में सिख समुदाय के लोगों की एक विशाल संख्या है, ऐसे में पीएम की गुजरात में की गई कोशिश के पीछे ये माना जा रहा है कि उन्होंने दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों को विश्वास में लेने का प्रयास किया है।

मंगलवार को गुजरात के कच्छ पहुंचे PM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के कच्छ पहुंचे और यहां उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क (World’s Largest Renewable Energy Park) का शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं और किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं मगर उन्हें देश का किसान परास्त करके रहेगा।

किसान आंदोलन पर भी चर्चा

इससे पूर्व पीएम ने यहां तमाम प्रतिनिधिमंडलों से भी भेंट कर मुद्दों पर चर्चा की। सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात के दौरान पीएम ने ना सिर्फ केंद्र की योजनाओं का जिक्र किया, बल्कि किसान आंदोलन से जुड़े कई सवालों के जवाब भी दिए।

किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: PM

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मंगलवार को पीएम गुजरात के दौरे पर पहुंचे तो यहां एक संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि किसानों को डराने की कोशिश की जा रही है। नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि किसानों का कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की शंकाओं के समाधान के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। गुजरात के कच्छ में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और उन पर किसानों को भ्रमित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

गुजरात में किसान आंदोलन के बारे में बोले पीएम मोदी

किसानों को डराने की साजिश हो रही’

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के आसपास आजकल किसानों को डराने की साजिश चल रही है। मोदी ने कहा, ‘अगर कोई आपसे दूध लेने का कॉन्ट्रैक्ट करता है, तो क्या भैंस लेकर चला जाता है? जैसी आजादी पशुपालकों को मिल रही है, वैसी ही आजादी हम किसानों को दे रहे हैं। कई वर्ष से किसान संगठन इसकी मांग करते थे, विपक्ष आज किसानों को गुमराह कर रहा है लेकिन अपनी सरकार के वक्त ऐसी ही बातें करता था।’

किसानों को विश्वास में लेने की कोशिश

पीएम ने कहा, ‘मैं अपने किसा भाइयों से फिर कह रहा हूं, बार-बार कह रहा हूं कि उनकी हर समस्या के समाधान के लिए सरकार 24 घंटे तैयार है। किसानों का हित पहले दिन से सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’