शहडोल में दो और बच्चों की मौत, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला

शहडोल, Shahdol Child Deaths। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में नवजात की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला चिकित्सालय में रविवार को दो और शिशुओं की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एक बच्ची की मौत मां का दूध पीते समय सांस नली में दूध फंस जाने के कारण हुई है जबकि दूसरी बच्ची की बुखार और सर्दी के कारण मौत होना बताया जा रहा है। 26 नवंबर से अब तक जिले में 23 नवजात की मौत होने की बात सामने आ रही है।

शहडोल जिला अस्पताल में रविवार को जिन दो बच्चों की मौत हुई है उनमें एक बच्ची टिकरी टोला थाना पाली जिला उमरिया की है और दूसरी बच्ची भी उमरिया जिले के एक गांव की है। रविवार तक यहां के एसएनसीयू में कुल 28 बच्चे भर्ती थे जबकि पीआईसीयू में 7 बच्चे भर्ती थे। एसएनसीयू व पीआईसीयू के प्रभारी डॉ निशांत प्रभाकर ने बताया है कि बच्ची सुहानी बैगा की मौत बुखार और सर्दी के कारण हुई है बच्ची की हालत बेहद गंभीर थी और परिजन जब यहां लेकर आए तो उसे बचाना मुश्किल था उसकी सांस थम चुकी थी। उन्होंने बताया कि उमरिया जिले से आई दूसरी बच्ची रितु बैगा जोकि स्वस्थ हो गई थी लेकिन दूध पिलाते समय रितु की मां जब सो गई तो फीडिंग करते वक्त दूध बच्चे की श्वांस नली में चला गया इससे उसकी मौत हो गई ।

सिविल सर्जन डॉक्टर जी एस परिहार ने बताया है कि टिकरी टोला पाली से जो बच्चे यहां लाई गई उसकी सांसें थम चुकी थी जबकि दूसरी बच्ची की मौत फीडिंग के समय हुई है। इस तरह इसमें डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है।

शहडोल जिले में नवजात की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब जो भी मौतें हो रही हैं उनको शासन प्रशासन गंभीरता से भी ले रहा है। उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर सीएस और सीएमएचओ को हटा दिया गया था और उनकी जगह नई पदस्थापना कर दी गई थी।नए सिविल सर्जन डॉ परिहार का भी विरोध डॉक्टर कर रहे हैं । जिला अस्पताल की स्थिति सामान होने में अभी वक्त लगेगा।