दिग्गी राजा के गढ़ में महाराज की सेंधमारी, कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रताप मंडलोई ने थामा BJP का दामन

Rajgarh News:  राजगढ़। राजा के प्रताप को अंतत: महाराजा ने तोड़़ ही दिया। कुछ समय पहले तक राजा के प्रताप के नाम से जाने जाने वाले पूर्व विधायक प्रताप मंडलोई अब शिव के प्रताप हो चुके हैं। उन्होंने शुक्रवार को बकायदा भाजपा का दामन थाम लिया। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं हितानंद शर्मा ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलवाई। इसी के साथ यह माना जा रहा है कि अब प्रताप के जरिए सिंधिया ने राजा के गढ़ में सेंधमारी शुरू कर दी है।

उल्लेखनीय है राजगढ़ के कांग्रेस नेता प्रताप मंडलोई जब कांग्रेस में थे उस समय वह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के सबसे भरोसेमंद विधायकों में शामिल थे। दिग्विजयसिंह के दूसरे कार्यकाल में 1998 में श्री मंडलोई कांग्रेस से विधायक बने थे।

विधायक बनने के दौरान प्रताप मंडलोई ने अपनी गा़डी पर पीछे लिखवाया था कि राजा का प्रताप…। उनका यह श्लोगन जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में खासा चर्चित रहा था। जिले में उन्हें विधायक रहते हुए व बाद में भी राजा के प्रताप के रूप में जानने लगे थे। इसके बाद 2003 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद 2018 का चुनाव वह कांग्रेस से बागी होकर लडे थे ओर करीब 35 हजार वोट लाए थे। तब ही से वह किसी पार्टी में नहीं थे।