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Noori Khan: कांग्रेस की विचारधारा अल्पसंख्यक के विरुद्ध, नूरी खान ने कमलनाथ को पत्र लिखकर दिया सभी पदों से इस्तीफा

Noori Khan: कांग्रेस की विचारधारा अल्पसंख्यक के विरुद्ध, नूरी खान ने कमलनाथ को पत्र लिखकर दिया सभी पदों से इस्तीफा

Noori Khan मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के हाईकमान कमलनाथ से नाराज महिला नेता नूरी खान ने इस्तीफा दे दिया है। सोनिया गांधी और कमलनाथ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि वर्ग विशेष का होने के कारण मुझे कोई पद नहीं दिया जा रहा।

नूरी खान ने अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी में रहकर अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं एवं अपने लोगों को राजनैतिक एवं सामाजिक न्याय दिलाने में असहज महसूस कर रही हूँ। भेदभाव की शिकार हो रही हूँ। अतः अपने सारे पदों से आज इस्तीफ़ा दे रही हूँ।

राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों में शायद ही कोई हो जो नूरी खान को नहीं जानता हो। पिछले कुछ दिनों में नूरी खान ने पूरे मध्यप्रदेश में अपनी पहचान बना ली। नूरी खान मूल रूप से उज्जैन की रहने वाली हैं। कोरोनावायरस की दूसरी लहर के समय वह अचानक लाइमलाइट में आई थी और फिर लगातार सुर्खियों में बनी रही। उन्होंने सरकार के खिलाफ कई आंदोलन किए। उज्जैन से भोपाल तक की ऐतिहासिक यात्रा निकाली। लग रहा था कि 2023 के विधानसभा चुनाव में नूरी खान का टिकट पक्का है।

 

पत्र
श्री कमलनाथ जी
प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी
विषय — पार्टी के सभी पदों से मेरे त्यागपत्र को अविलंब स्वीकार करने बाबत
आदरणीय महोदय !
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस पार्टी की विचारधारा अल्पसंख्यक समाज के प्रति भेदभाव पूर्ण रवैया की है… पार्टी में सिर्फ इस वजह से प्रतिभाओं को मौका नहीं दिया जाता क्योंकि अल्पसंख्यक वर्ग से है… यह मेरा कोई राजनीतिक आरोप नहीं है आप खुद तथ्यात्मक रूप से आकलन करें प्रदेश के जिलों में जिला कांग्रेस कमेटियों में कितने अध्यक्ष अल्पसंख्यक वर्ग से…प्रदेश के अग्रिम संगठनों में कोई प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक वर्ग से नहीं है ,
मैंने स्वयं यह महसूस किया है कि मुझे जिस तरह से इतनी मेहनत और लगन से कार्य करने के बाद भी सिर्फ वर्ग विशेष से होने की वजह से पार्टी मैं जिम्मेदार पद पर नहीं बैठाया जाता जबकि यदि यह स्थिति मेरे जैसी कार्यकर्ता के साथ है प्रदेश के अन्य जिले के अल्पसंख्यक वर्ग के कार्यकर्ताओं में कितना उपेक्षा का व्यवहार होगा…
पार्टी के अग्रिम संगठनों पर जिम्मेदारी नहीं दी जाती…
सांप्रदायिक संगठनों से लड़ने की बात सिर्फ कागजों पर है यदि हम अपनी पार्टी में इसका पालन नहीं करा सकते तो शायद हम अपनी विचारधारा से विमुख हो रहे हैं…ऐसी स्थिति में मेरे लिए कार्य कर पाना असंभव है मैं आपके प्रति व्यक्तिगत रूप से कृतज्ञता व्यक्त करती हूं और अपने सभी कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देती हूं अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देती हूं  अपने से जुड़े कार्यकर्ताओं जनता को यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि भविष्य में अपने राजनीतिक आंदोलन को और मजबूत करने के लिए आपकी जनसेवा के लिए नई राजनीतिक दिशा जल्दी तय करूंगी और आपके बीच में राजनीतिक जन सेवा के लिए कार्य करूंगी … एक नई राजनीतिक दिशा और सोच के साथ आप सभी के सहयोग और प्यार के लिए धन्यवाद…
विशेष आग्रह — कृपया मेरे इस इस्तीफे को बिना किसी मानमनोबल एवं औपचारिकता के अविलंब स्वीकार किया जाए यह निर्णय मेरा अंतिम निर्णय है अतः मेरा इस्तीफा स्वीकार करें 
धन्यवाद

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