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महिला रेलकर्मी को बदनाम करने की धमकी देकर लाखों की ठगी, फर्जी पत्रकार भी शामिल

महिला रेलकर्मी को बदनाम करने की धमकी देकर लाखों की ठगी, फर्जी पत्रकार भी शामिल

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जबलपुर रेल मंडल में पदस्थ एक महिला कर्मी को बदनाम करने व नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर लाखों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जालसाज महिलाओं के पति भी रेलवे में कार्यरत हैं। बदनामी से बचने के लिए महिला रेलकर्मी जालसाज महिलाओं की मांग पूरी करती रहीं।

लाखों रुपये गंवाने के बाद उसे पुलिस का सहारा लेना पड़ा, जब उससे एकमुश्त 10 लाख रुपये मांगे गए। जालसाज महिलाओं ने वसूली के लिए एक फर्जी पत्रकार को भी टीम में शामिल किया। जिनसे तंग होकर रेलकर्मी महिला ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से घटना की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआइआर दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस टीम ने जालसाज महिलाओं को सोमवार तड़के उनके घर से उठवा लिया। गिरफ्त में आईं महिलाओं से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने ठगी की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है।

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महिला थाना पुलिस ने बताया कि रेलवे में कार्यरत पीडि़त महिला का पति खेती किसानी करता है। जुलाई 2019 में रेलवे में कार्यरत सुमित आम्रवंशी से पहचान हुई थी। सुमित ने अपनी पत्नी चित्रा आम्रवंशी से महिला की दोस्ती करवा दी थी। जिसके बाद चित्रा अक्सर रेलकर्मी महिला के साथ बाजार जाने लगी। वह जो भी सामान खरीदती, उसका भुगतान रेलकर्मी महिला से करवाती। यदि वह पैसे देने से इन्‍कार करती तो चरित्र पर लांछन लगाकर उसे बदनाम करने की धमकी देती। चित्रा की लालच बढ़ती गई और उसने बदनाम करने की धमकी देकर महिला रेलकर्मी से एकमुश्त तीन लाख रुपये मांगे। रकम देने से इन्‍कार करने पर चित्रा ने आरपीएफ जवान की पत्नी रानी द्विवेदी को टीम में शामिल किया। दिसंबर 2020 को वह रानी को लेकर महिला के शासकीय आवास पहुंची और उसके साथ मारपीट की। उसके बाद दोनों अक्सर मारपीट कर उससे 5-10 हजार रुपये लेते रहे। उसका एटीएम कार्ड छीनकर बैंक खाते में जमा तीन लाख रुपये निकाल लिए।

फर्जी पत्रकार को गिरोह में शामिल किया : पुलिस ने बताया कि चित्रा व रानी ने रेलकर्मी महिला के पति के सामने उसे चरित्रहीन साबित करने का प्रयास किया। जिसके बाद नाराज पति दो बच्चों को लेकर अपने गांव चला गया। पांच अक्टूबर को सुबह 7.30 बजे जालसाज महिलाओं की तरफ से फर्जी पत्रकार विकास द्विवेदी ने रेलकर्मी महिला को फोन पर धमकाते हुए पैसों की मांग की। उसने कहा कि पैसे न मिलने पर वह डीआरएम से झूठी शिकायत कर नौकरी चाट जाएगा। इतना ही नहीं घर से ड्यूटी पर आते-जाते समय रानी व चित्रा रास्ता रोककर बदनाम करने की धमकी देकर 10 लाख की मांग करती रहीं। उसने चित्रा के पति को घटना की जानकारी दी परंतु उसने चुप्पी साध ली।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चित्रा, रानी व फर्जी पत्रकार विकास द्विवेदी के खिलाफ धारा 384, 386, 456, 327, 341, 506, 294, 190, 34 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। विवेचना के लिए केस डायरी सिविल लाइन थाना स्थानांतरित की जा रही है।

 

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