मध्यप्रदेश

मध्‍य प्रदेश में बसपा नहीं लड़ेगी उपचुनाव, पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में 24 पटवारियों के तबादले

मध्‍य प्रदेश में बसपा नहीं लड़ेगी उपचुनाव, पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में 24 पटवारियों के तबादले

Advertisements

भोपाल।  विधानसभा की तीन और लोकसभा की एक सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस आशय के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उधर, अखंड प्रताप सिंह ने पृथ्वीपुर से पार्टी से नामांकन दाखिल किया है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल ने बताया कि पार्टी प्रमुख ने उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है। सभी जिला इकाइयों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अखंड प्रताप सिंह के पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल करने को लेकर पिप्पल ने कहा कि वे पार्टी के सदस्य हैं, लेकिन यह जानकारी ली जाएगी कि उन्होंने नामांकन क्यों दाखिल किया है।

यह भी पढ़ें-  Modi Cabinet Meeting: मोदी सरकार ने 3 फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता, 1 जुलाई 2021 से लागू होंगी नई दरें

हाइकमान के स्पष्ट निर्देश हैं कि उपचुनाव की जगह पार्टी का पूरा ध्यान 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। वह तैयारियां प्रभावित न हों, इसलिए मध्य प्रदेश में बसपा उपचुनाव नहीं लड़ेगी। मालूम हो, अभी तक पृथ्वीपुर के अलावा जोबट से भी एक निर्दलीय प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन आठ अक्टूबर तक जमा किए जा सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की शिकायत

पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र के 24 पटवारियों का बल्देवगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) ने तबादला कर दिया। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद किए गए इन तबादलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत करते हुए एसडीएम को हटाने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री जेपी धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की शिकायत में कहा कि पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है। आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद बल्देवगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी ने तीस सितंबर को आदेश जारी करके 24 पटवारियों का स्थानांतरण कर दिया। यह नियम का उल्लंघन है और संदेह भी पैदा करता है। चुनाव की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए अनुविभागीय अधिकारी का स्थानांतरण करके उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज किया जाए।

Show More
Back to top button