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खम्हरिया नं.1में चल रही भागवत कथा में सुनाया श्री कृष्णा-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुंदर झांकी देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त, शानदार भजनों पर के किये नृत्य।

 

 

रीठी। विकासखंड रीठी के ग्राम खम्हरिया नं.1 में बाबा हरिदास जी के बंगले में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक श्री मुरारीदास ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी के विवाह की कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा कृष्ण-रुक्मणी विवाह से जुड़ी मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। जिसे देख पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। भजन गीतों से सुरों में सभी श्रोता झूमने लगे। कथा व्यास ने कहा कि भगवान पर अटूट विश्वास होना चाहिए, यदि अटूट विश्वास है तो भगवान हर स्थिति में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। कथा व्यास पूज्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया। इस कथा में समझाया गया कि रुक्मणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती हैं। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो बहुत प्रभावित हुईं और मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। इस अवसर पर श्री शिव चरण यादव, श्री रामभगत यादव, श्री उदयभान यादव, श्री संतकुमार यादव, श्री चंद्रभान यादव, श्री जगदम्बा विश्वकर्मा, श्री धनीराम यादव,श्री अमृत लाल यादव, श्री गजराज यादव, श्री प्रहलाद यादव, श्री कोमल यादव, श्री विशाली यादव,श्री भगवत राम यादव, श्री बिरजू यादव, श्री श्याम सुंदर विश्वकर्मा, श्री सुखनंदी यादव,श्री अशोक यादव, श्री भागवली सेन, निर्भय यादव, रामदास यादव, त्रिलोक यादव, ज्ञानचंद यादव, गर्जन यादव, शरद यादव, लखन यादव, पुरुषोत्तम यादव, संतोष यादव सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।

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