एक्सरे से लगाया जा सकेगा कोरोना संक्रमण का पता, IIT गांधीनगर के शोधकर्ताओं का दावा

नई दिल्ली. कोविड-19 (Covid-19) पर रोक लगाने के लिए दो सबसे कारगर तरीके दुनिया के सामने आए हैं. पहला टेस्टिंग (Testing) और दूसरा कंटेनमेंट (Containment). सरकारें काफी हद तक कंटेंनमेंट में तो कामयाब हो रही हैं लेकिन टेस्टिंग अब भी बहुत बड़ा मुद्दा है. हाल ही में भारत के भी कई राज्यों में टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने के लिए फीस में कमी की गई है. महंगी जांच के बीच IIT गांधीनगर (IIT Gandhinagar) के कुछ शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि छाती के एक्सरे (Chest X-Ray) से कोरोना का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उपकरण विकसित किया है.

ये एक ऑनलाइन उपकरण है और किसी व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने की आशंकाओं का पता लगाता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि इसे अर्ली टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इस उपकरण का परीक्षण अब इंडियन इस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किया जा रहा है.

क्या कहते है शोधकर्ता
इंडिया टीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक कंप्यूटर विज्ञान में एमटेक के छात्र कुशपाल सिंह यादव का कहना है कि कोरोना के सीमित टेस्टिंग सुविधाओं को देखते हुए इसे विकसित किया गया है. उनका कहना है कि विश्वसनीय उपकरण विकसित करने के लिए सही एल्गोरिथम और आंकड़ों की जरूरत होती है. हमारा उपकरण उपयोगी साबित होगा. इस उपकरण का प्रयोग व्यापक स्तर पर किया जा सकता है.

अहमदाबाद और सूरत में स्थिति गंभीर
गौरतलब है कि गुजरात में कोरोना वायरस का जबरदस्त प्रभाव पड़ा है, विशेष रूप से अहमदाबाद शहर में. अहमदाबाद में कोरोना वायरस की डेथ रेट को लेकर एक्सपर्ट्स चिंता जाहिर करते रहे हैं. अहमदाबाद के बाद अब सूरत में तेजी के साथ कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि सूरत में कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए सरकार ने तेज प्रयासों की शुरुआत कर दी है. हीरा व्यापार के गढ़ के रूप में मशहूर सूरत के तकरीबन 17 हजार डायमंड वर्कर्स की स्क्रीनिंग विशेष सरकारी टीमों द्वारा की जा चुकी है. कई डायमंड फैक्टरियों को सील कर दिया गया है.

गुजरात में 1,827 ने गंवाई कोरोना से जान
गुजरात में अब तक कोरोना के कुल 31,938 मामले सामने आए हैं. इनमें से 23,240 ठीक हो चुके हैं. 6,871 एक्टिव केस हैं और 1,827 लोगों ने इस महामारी की वजह से जान गंवाई है.