79 रूपये लीटर के साथ गुपचुप बढ़ गए पेट्रोल के दाम, आम जनता कर रही त्राहि त्राहि

कटनी। पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते-बढ़ते सातवें
आसमान पर पहुंच गए हैं। शहर के पेट्रोल पंपों पर आज 79 रूपए प्रतिलीटर के भाव से पेट्रोल बेचा जा रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार के राज में पिछले 3 साल में पेट्रोल के दाम 63 रूपए से बढ़कर 79 रूपए तक पहुंच चुके हैं। अच्छे दिन लाने का सपना दिखाने वाली भाजपा सरकार से जनता का सीधा सवाल है कि क्या यही अच्छे दिन हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों से लोग हलाकान हैं। दामों में रोजाना घट-बढ़ के चलते लोग समझ नहीं पा रहे कि पेट्रोल पंपों पर सही दामों पर पेट्रोल मिल रहा है या जेबकटी हो रही है।
‘प्रदेश में सबसे ज्यादा है वैट
इसी साल 4 जनवरी को सरकार ने वैट अधिनियम में अतिरिक्त कर का अधिकार अपने हाथ में लेने के लिए वैट अधिनियम में संशोधन कर दिया था। वैट अधिनियम में संशोधन होने के बाद से पेट्रोल पर प्रति लीटर तीन बार में 2 रुपए और 1.1 कर कुल 4 रुपए अतिरिक्त कर लगाया गया है। पेट्रोल के अलावा डीजल पर भी दो बार में 50 पैसे और 1 रुपए तक टैक्स बढ़ा दिया गया। केंद्र और राज्य दोनों के टैक्स लगाए जाने के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 30 रुपए 22 पैसे में पड़ने वाला पेट्रोल लगभग 79 रूपए तक में बेचा जा रहा है। यही नहीं 31 रुपए 16 पैसे में पड़ने वाला डीजल भी लगभग 66 रुपए का बेचा जा रहा है।
ऐसे समझें, किस तरह लगता है वैट
मध्य प्रदेश में केन्द्र के जो टैक्स लगते हैं, उनके बाद बारी आती है वैट की। वैट अधिनियम में संशोधन करने के बाद अब इसके अधिकार राज्य सरकार के हाथ में हैं। मध्य प्रदेश मे अभी 31 प्रतिशत वैट और एक फीसदी एंट्री टैक्स लगता है।  यानि प्रतिलीटर 24 रुपए 37 पैसे सिर्फ वैट और एंट्री टैक्स से ही मिल रहे हैं। लेकिन वैट और एंट्री टैक्स की कहानी पर ही बात खत्म नहीं हो जाती है। मध्य प्रदेश में इस सबके ऊपर 4 रुपए अतिरिक्त कर यानि एडिशनल टैक्स भी लगाया जाता है। इसके बाद पेट्रोलएडीजल के दाम सीधे दोगुने हो जाते हैं।
दो महीनों में 7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़े पेट्रोल के दाम 4 रुपये हुआ डीजल में इजाफा
पिछले 2 महीने में पेट्रोल के दामों में 7 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो गया है। 1 जुलाई से लेकर के 7 सितंबर के बीच तेल कंपनियों ने डीजल के दामों में भी 4.26 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। 16 जून से तेल कंपनियों ने पूरे देश में पेट्रोल-डीजल का रोजाना प्राइस चेंज करने की घोषणा की थी। तेल कंपनियां पिछले कुछ समय से चुपचाप ग्राहकों की जेब पर वार कर रही हैं और पेट्रोल डीजल के दाम पिछले दो महीने में सात रुपये तक बढ़ा दिए हैं। खास बात ये है कि पहले जहां तेल के दाम दो-तीन रुपये बढ़ने पर हल्ला मच जाता था वहीं तेल कंपनियों के इस कारनामे पर किसी को कानो कान खबर नहीं हुई।
क्रूड ऑयल के दाम कम हुएए फिर भी यहां नहीं राहत
तीन साल पहले जब क्रूड ऑयल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैलर थी, तब मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 80.95 रुपए प्रति लीटर थी। तीन साल बाद अब जबकि क्रूड ऑयल 54 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, तब भी मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत लगभग 79 रूपए प्रति लीटर औऱ डीजल की कीमत 66 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वर्तमान में पेट्रोल पर प्रति लीटर 4 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर डेढ़ रुपए तक एडिशनल टैक्स लिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में करीब 2700 पेट्रोल पम्प हैं। इन पेट्रोल पम्पों से हर दिन तकरीबन सवा करोड़ लीटर तेल की बिक्री होती है। यानि सिर्फ  डिशनल टैक्स की बात करें तो प्रति लीटर 4 रुपए तक एडिशनल टैक्स लगने के बाद प्रदेश में हर दिन 4 से 5 करोड़ की कमाई इसी से हो रही है।

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