दिग्विजय सिंह ‘राजनीति’ से करेंगे किनारा, पत्नी अमृता के साथ धार्मिक यात्रा में रहेंगे 6 महीने

नई दिल्लीः कांग्रेस के दिग्गज नेता व मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने छह महीने के लिए राजनीति से किनारा करने का फैसला किया है। दशहरे के दिन 30 सितंबर से दिग्विजय धार्मिक यात्रा का आगाज़ करने वाले हैं। वे अपनी नर्मदा यात्रा के दौरान करीब 3500 किलोमीटर पैदल चलेंगे और इस दूरी को वो 6 महीने में पूरा करेंगे। इस दौरान वे 6 महीने तक सियासत  और सियासत दारी से पूरी तरह अगल रहेंगे।  


दिग्गी राजा यात्रा की शुरुआत अपने गुरु स्वामी स्वरूपानंद के नरसिंहपुर स्थित जोतेश्वर आश्रम से शुरू करेंगे। व्यक्तिगत धार्मिक यात्रा में उनका साथ उनकी पत्नी अमृता सिंह देंगीं। यात्रा में दिग्विजय और उनकी पत्नी मांगकर मिला ही खाना पकाकर खाएंगे। तय है कि, यात्रा के दौरान ना तो वो किसी के घर जाकर भोजन करेंगे और ना ही किसी के घर से बनकर आया भोजन ग्रहण करेंगे।

अपने बयानों के चलते दिग्विजय बीजेपी के हमेशा निशाने पर रहते हैं लेकिन असल जिंदगी में दिग्विजय खासा पूजा पाठ करते है। दिग्विजय हर साल 24 किलोमीटर की गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा भी नंगे पैर करते आये हैं। साथ ही नवदुर्गों में देवी पूजा और सिद्ध पीठ जाकर पूजा करना उनकी परम्परा में है।

उम्र के 70 पड़ाव पार कर चुके दिग्विजय सिंह के लिए नर्मदा की डगर आसान नहीं रहने वाली, ये वो जानते हैं। 3500 किलोमीटर की इस पैदल यात्रा को उनको 180 दिन में पत्नी के साथ पूरा करना है यानी रोजाना सुबह शाम 10-10 किलोमीटर पैदल यात्रा करना होगा।जानकारी के मुताबिक इसके लिए दिग्विजय ने एक महीने पहले से ही अपने लोदी रोड के घर के पास लोदी गार्डन में रोज़ शाम 15-20 किलोमीटर पैदल चलना शुरू कर दिया है।

खास बात तो यह कि उनकी यात्रा के दौरान कांग्रेस का झंडा नहीं होगा और ना ही किसी नेता को न्योता भेजा जाएगा। हां, अगर कोई कार्यकर्ता यात्रा में साथ चलना चाहे तो चल सकता है लेकिन उसको भी गैर सियासी अनुशासन का पालन करना होगा। इस यात्रा के चलते ही दिग्विजय ने बतौर कांग्रेस प्रभारी महासचिव गोआ, तेलंगाना और कर्नाटक का प्रभार छोड़ने का आलाकमान से अनुरोध किया था, जिसको मान लिया गया।

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