मन्त्रियों की छंटनी का क्या है पूरा मामला, MP से कौन जायेगा केबिनेट में?

नई दिल्ली.   मोदी कैबिनेट में शनिवार-रविवार तक फेरबदल हो सकता है। अब तक सरकार से उमा भारती और राजीव प्रताप रूडी समेत 6 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। इस बीच, राजीव प्रताप रूडी ने शुक्रवार को कहा कि मेरे इस्तीफा देने का फैसला पार्टी ने लिया है। उधर, उमा भारती इस्तीफे पर खुलकर नहीं बोलीं। उन्होंने कहा- “मैंने कुछ नहीं सुना है। मैं कुछ नहीं बोलूंगी।” बता दें कि नरेंद्र मोदी 3 सितंबर को चीन रवाना हो रहे हैं। इसलिए, उससे पहले शपथ ग्रहण समारोह होने के आसार हैं। 
  क्यों होने जा रहा है फेरबदल? 
जहां चुनाव हो गए, वहां से मंत्री कम कर चुनाव वाले राज्यों से मंत्री बनाएं जा सकते हैं।  जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा उनकी छंटनी हो सकती है।   जो संगठन में अच्छा काम कर सकते हैं, उन्हें संगठन में वापस भेजा जाएगा। 
  अब तक कितने मंत्रियों का इस्तीफा ? 
उमा भारती, कलराज मिश्र, राजीव प्रताप रूडी, संजीव बालियान, महेंद्रनाथ पांडेय और निर्मला सीतारमण। 
 ये बन सकते हैं मंत्री
– उत्तरप्रदेश: सांसद सत्यपाल सिंह। 
– मध्य प्रदेश: राकेश सिंह, प्रभात झा, आलोक संजर या प्रह्लाद पटेल
– गुजरात: भारती स्याल
– हिमाचल प्रदेश: प्रेम कुमार धूमल या उनके सांसद बेटे अनुराग ठाकुर 
– कर्नाटक: सुरेश अंगाड़ी या शोभा करंदलाजे 
– तमिलनाडु: अन्नाद्रमुक के थंबीदुरई और मैत्रेयन 
 नजरें रेल मंत्रालय पर
– सुरेश प्रभु की जगह गडकरी नए रेल मंत्री बनाए जा सकते हैं। प्रभु या विनय सहस्रबुद्धे को पर्यावरण दिया जा सकता है। भूपेंद्र यादव, राम माधव भी मंत्री बन सकते हैं।
 कितने मंत्रालय खाली पड़े हैं? 
– वन और पर्यावरण मंत्रालय (अनिल माधव दवे की मौत की वजह से), शहरी विकास मंत्रालय (वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद), रक्षा (मनोहर पर्रिकर के गोवा का सीएम बनने के बाद से अरुण जेटली के पास अतिरिक्त प्रभार), सूचना प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार स्मृति ईरानी के पास। 
 JDU अौर AIADMK को मिल सकती है जगह
– नीतीश कुमार ने बिहार महागठबंधन छोड़कर जुलाई में बीजेपी से हाथ मिला लिया। बाद में जेडीयू चार साल बाद औपचारिक रूप से एनडीए में फिर शामिल हो गया। चर्चा है कि जेडीयू को मोदी सरकार में दो मंत्री पद दिए जा सकते हैं।उधर, तमिलनाडु में एआईएडीएमके के दोनों धड़ों का मर्जर हो गया। जब तक जयललिता थीं, उनके बीजेपी से अच्छे रिश्ते रहे। अब मौजूदा सीएम ई. पलानीस्वामी के मोदी से और ओ. पन्नीरसेल्वम के बीजेपी के बड़े नेताओं से अच्छे रिश्ते बताए जाते हैं। लिहाजा, कैबिनेट फेरबदल में एआईएडीएमके को भी दो से तीन मंत्री पद मिलने की संभावना है।
   गुजरात में असेंबली इलेक्शन  
– बीजेपी ने गुजरात में लगातार चौथी बार सरकार बनाने का टारगेट तय किया है। 182 असेंबली सीट हैं। पार्टी का टारगेट 150 सीटों पर जीत है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। शंकर सिंह बाघेला समेत कुछ सीनियर नेता और विधायक कांग्रेस छोड़ चुके हैं। ऐसे में पार्टी की हालत बेहतर नजर नहीं आती।  नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद यह गुजरात का पहला असेंबली इलेक्शन है। मोदी के बाद आनंदी बेन सीएम बनी। लेकिन हार्दिक पटेल की अगुआई में हुए पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
– पिछले साल अगस्त में विजय रूपाणी सीएम बने। नितिन पटेल को डिप्टी सीएम बनाया गया। अमित शाह कई मौकों पर कह चुके हैं कि रूपाणी की लीडरशिप में ही अगला असेंबली इलेक्शन लड़ा जाएगा।
 इस्तीफे के बाद  रूडी ने कहा- यह एकदम सामान्य प्रोसेस है, उमा बोलीं- मैं कुछ नहीं बोलूंगी
– राजीव प्रताप रूडी से शुक्रवार को मीडिया ने जब पूछा कि क्या मोदी आपके काम से संतुष्ट नहीं है। इसके जवाब में उन्होंने कहा- “पार्टी ने फैसला लिया कि मैं इस्तीफा दूं, यह एकदम सामान्य प्रोसेस है। मैं पार्टी का अनुशासनात्मक सिपाही हूं और पार्टी का जो भी फैसला है। उसका सम्मान करता हूं। सरकार में काम करने का मौका मिला, आगे भी पार्टी में काम करने का अवसर मिले। इसी सोच के साथ आगे बढ़ते रहेगें। यह प्रधानमंत्री और सरकार का फैसला होता है। इसमें कोई तर्क नहीं होता।” उमा भारती ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा- “इस्तीफे का कोई सवाल मैंने सुना ही नहीं। इस पर न तो सुनूंगी और न ही बोलूंगी।”

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