जानिये दुर्घटना ग्रस्त ट्रेन की कहानी, 48 साल पुरानी दो तीर्थों को जोड़ती है उत्कल एक्सप्रेस

सिटी डेस्क। पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम उत्तरप्रदेश में मुजफ्फरनगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। खबर है कि ट्रेन के 10 डिब्बे बेपटरी हुए हैं और 30 यात्रियों की मौत हो गई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
दो तीर्थ केंद्रों (पुरी और हरिद्वार) को जोड़ने वाली इस ट्रेन का भारतीय रेलवे में खास महत्व है। यह ट्रेन 1 अक्टूबर 1969 को शुरू हुई थी। 48 सालों में यह रेलवे के ईस्ट-कोस्ट जोन की महत्वपूर्ण ट्रेन बन गई है। हर साल लाखों तीर्थ यात्री इससे आना-जाना करते हैं। दोनों तीर्थ स्थलों के बीच की 2367 किमी की दूरी यह ट्रेन 48 घंटे 10 मिनट में तय करती है। यह कुल 73 स्टेशनों पर रुकती है।
यह ट्रेन उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से होकर गुजरती है।
बड़े स्टेशन जहां से उत्कल एक्सप्रेस गुजरती है: पुरी-भुवनेश्वर-कटक-टाटानगर-राउरकेला-बिलासपुर-झांसी-हजरतनिजामुद्दीन-गाजियाबाद-मेरठ- मुजफ्फरनगर-हरिद्वार।

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