कटनी पुलिस की बड़ी कामयाबी, नकली नोट बनाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

कटनी।(विवेक शुक्ला) एनकेजे पुलिस को नोटबंदी के बाद 100 रूपए के नकली नोट छापने वाले अंतर राज्यीय गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिरों की सूचना पर दबिश देकर नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक आरोपी पड़ोसी जिला दमोह का है और दो आरोपी रायपुर के बताए जाते हैं। तीनों आरोपियों के पास से 2 लाख 48 हजार 800 रूपए के नकली नोट सहित नोट बनाने वाले कागज के पैकेट, एक स्कैनर, फोटो कापी मशीन तथा मशीन की कलर्ड इंक की शीशियां जप्त की गई। नकली नोट छापने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ने के बाद आज दोपहर पुलिस कप्तान अतुल सिंह ने पत्रकारवार्ता में पूरे मामले से पर्दा उठाया।

 मामले को लेकर आयोजित पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह ने बताया कि 18 अगस्त को मुखबिरों ने पड़ोसी जिला दमोह रामचंद्र नागदेव के नकली नोट की खेप के साथ कटनी आने की सूचना दी। जिसके बाद घेराबंदी करके रामचंद्र नागदेव को कटनी पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी से रामचंद्र के पास से 56 हजार रुपये के 100 रुपये वाले 560 नग नकली नोट बरामद किये गए। इन नोटो चैक करने पर इनमें आर.बी.आई. स्ट्रिप नहीं पाई गई। इसके अलावा नोट के सफेद भाग में गांधी जी की फोटो नहीं पाई गई व नोटों की कटिंग बेढंगी होना तथा नोटो का आकार अलग-अलग होना पाया गया। साथ ही नोटो में एक ही नंबर के कई नोट होना पाये गये। जिससे स्पष्ट हो गया कि यह नोट नकली हैं। पुलिस कप्तान श्री सिंह ने बताया कि रामचंद्र ने पूछताछ पर बताया कि रायपुर का रहने वाला विशाल एसवानी यह नकली नोट छापता है  तथा उसने नकली नोट खेप उसी से ली है। आरोपियों के अंतर राज्यीय गिरोह से संबंध होना पाये जाने पर मामले से पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर रेंज जयदीप प्रसाद को अवगत कराया गया और उनके मार्गदर्शन पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम आरोपी रामचंद्र को लेकर तत्काल रायपुर रवाना हो गई । टीम के द्वारा रायपुर में छापामारी कर इस गिरोह के सरगना विशाल एसवानी व इमरान कुरैशी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1,92,800/- रुपये के 100 रुपये वाले नकली नोट जप्त किये गये। इसके अलावा आरोपी विशाल के घर से नोट छापने हेतु प्रयुक्त किये जाने वाले कागज, एक स्कैनर प्रिंटर मशीन तथा मशीन की कलर्ड इंक की शीशियां जप्त की गई। सभी आरोपियों के विरूद्ध धारा 489 (क) (ख) (ग) (घ), 420 के तहत प्रकरण पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी विशाल ने पूछताछ पर बताया कि वह स्कैनर मशीन का उपयोग कर उसमें 100 रुपये के चार असली नोटों को बराबरी से चिपका कर मशीन में रखता था और स्कैन करता था। इसके बाद इन असली नोटों को पल्टाकर मशीन में रखकर स्कैन करता था व इसके बाद मशीन के फोटो कापीयर से स्कैन हुये नोटों की रंगीन फोटो कापी निकालकर सावधानी पूर्वक कटिंग कर नकली नोट तैयार कर लेता था। इस दौरान नोटों का साईज मिलाने में कुछ नोट खराब भी होते थे। मामले का खुलासा होने के बाद अब पुलिस स्थानीय स्तर पर गिरोह की मदद करने वाले लोगों की तलाश में जुट गई है, जो नकली नोट खपाने में गिरोह की मदद करते थे।
खाते में पैसा जमा करने के बाद पकड़ाया मुख्य आरोपी
वहीं इस मामले में पुलिस सूत्रों की माने तो रामचंद्र को पकड़ने के बाद जब पुलिस ने रायपुर निवासी मुख्य आरोपी विशाल व इमरान को पकड़ने की योजना के तहत उनसे और नकली नोट देने की बात रामचंद्र से कराई तो वह तैयार नहीं हुए लेकिन जब पुलिस ने नकली नोट देने के एवज में उसकी डिमांड के अनुसार उसके बैंक खाते में रकम जमा कराई तो वह नकली नोट देने तैयार हुआ और इसके बाद ही पुलिस रामचंद्र को लेकर रायपुर पहुंच गई। जहां नकली नोट के साथ विशाल व इमरान भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पुरूस्कृत होगी पुलिस टीम
पत्रकारवार्ता में पुलिस कप्तान श्री सिंह ने यह भी बताया कि उक्त गिरोह का पर्दाफाश करने में मुख्य भूमिका सहायक उपनिरीक्षक गोपाल विश्वकर्मा व आरक्षक सुभाष अहिरवार की रही है। जिनकी सूचना पर इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया। साथ ही सम्पूर्ण कार्यवाही में एनकेजे थाना प्रभारी निरीक्षक मंजीत सिंह, उपनिरीक्षक बी.डी.द्विवेदी, अनूप दुबे, प्र.आर.रामसजीवन, आरक्षक अजय सिंह, नरेन्द्र पटेल की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।

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