गुजरात राज्यसभा चुनाव में अमित शाह, स्मृति इरानी और अहमद पटेल जीते

अहमदाबाद। भाजपा को करारा झटका देते हुए कांग्रेस के अहमद पटेल ने गुजरात राज्यसभा चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखी। भाजपा के अमित शाह और स्मृति इरानी भी चुनाव में विजयी हुए।
अहमद पटेल पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुने गए। कांग्रेस को गुजरात राज्यसभा चुनाव में उस समय बड़ी जीत मिली जब चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द करने का निर्णय लिया। कांग्रेस ने यह मांग की थी कि दो विधायकों राघव पटेल और भोला भाई गोहिल के वोट रद्द किए जाए क्योंकि इन्होंने अपने मत पत्र अनाधिकृत व्यक्ति को दिखाते हुए वोट की सीक्रेसी को भंग किया था।
कांग्रेस के अहमद पटेल ने 44 वोटों के साथ जीत हासिल की जबकि भाजपा के बलवंत चुनाव जीतने में नाकाम रहे। इस चुनाव में मतगणना शाम 5 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन साढे घंटे तक ऐसा नहीं हो पाया। रात 11.30 बजे चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द कर मतगणना शुरू करने के आदेश दिए। लेकिन भाजपा ने रात 1.30 बजे तक मतगणना शुरू नहीं करने दी। इसके बाद हुई मतगणना में भाजपा और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को झटका देते हुए अहमद पटेल पांचवींं बार राज्यसभा के लिए चुने गए।
चुनाव आयोग ने गुजरात के रिटर्निंग ऑफिसर को यह बताया कि मत पत्र के पीछे अंकित सीरियल नंबर के आधार पर राघव पटेल और भोला भाई द्वारा डाले गए वोट अलग निकाल दिए जाए और इसके बाद मतों की गिनती की जाए।
शंकरसिंह वाघेला समर्थक राघव पटेल और भोला भाई ने नियमों के अनुसार कांग्रेस के पोलिंग एंजेट को वोट डालने के पहले दिखाया, लेकिन उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए भाजपा के पोलिंग एंजेट को भी ‍अपने मतपत्र दिखा दिए। वे यह साबित करना चाहते थे कि उन्होंने वोट भाजपा को दिए।
कांग्रेस के पोलिंग एजेंट शक्तिसिंह ने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई कि इन दो विधायकों ने नियमों का उल्लंघन कर भाजपा के एजेंट को वोट दिखाए हैं।
इन दो विधायकों ने भाजपा को बैलेट पेपर नहीं दिखाए
गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने कहा कि चुनाव आयोग का कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है। यदि कोई भी व्यक्ति वीडियो फुटेज देखेगा तो उसे दिखेगा कि राघव पटेल और भोला भाई पटेल ने अपने बैलेट पेपर भाजपा के पोलिंग एजेंट को नहीं दिखाए थे।
सत्य की जीत हुई : मोढ़वड़‍िया
कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढ़वड़‍िया ने कहा कि चुनाव आयोग को साधुवाद कि उसने कांग्रेस के उन दो विधायकों के वोट रद्द किए जिन्होंने अनाधिकृत व्यक्ति को बैलेट पेपर दिखाकर नियमों का उल्लंघन किया। रिटर्निंग ऑफिर एक्सटेंशन पर है इसलिए उन्होंने भाजपा के दबाव में हमारे पोलिंग एजेंट की आपत्ति पर उसी वक्त कार्रवाई नहीं की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *